*सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर*

 

विजय द्विवेदी की रिपोर्ट

उरई।  bजिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आज सुबह जिला महिला एवं पुरुष अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल में ओपीडी, विभिन्न वार्डों, दवा वितरण कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, आयुष्मान वार्ड एवं जच्चा-बच्चा वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेडियोलॉजिस्ट डॉ0 अजय खरे, स्त्री रोग विशेषज्ञ वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ0 सुनीता बनोधा, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ संजीव प्रभाकर, दो प्रियम यादव स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, डॉ0 अंशिका जायसवाल आदि अनुपस्थित मिले, इस पर जिलाधिकारी ने सीएमएस महिला अस्पताल को संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण में शिथिलता पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सीएमएस महिला अस्पताल से स्पष्टीकरण तलब किया।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां सभी चिकित्सक उपस्थित मिले। उन्होंने सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड एवं इंजेक्शन कक्ष सहित विभिन्न चिकित्सा सेवाओं का जायजा लिया तथा मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान मरीज सत्येंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को एक्स-रे न होने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने तत्काल एक्स-रे कक्ष पहुंचकर मामले की जानकारी ली, जहां चिकित्सक ने बताया कि मरीज का एक्स-रे हो चुका है तथा रिपोर्ट भी तैयार है, जिसे उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में तत्परता एवं बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।अल्ट्रासाउंड कक्ष में डॉ. सौरभ कुमार द्वारा मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। जिलाधिकारी ने मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसी चिकित्सक द्वारा बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा गया है अथवा पर्चे पर ऐसी कोई दवा लिखी गई है। मरीजों ने स्पष्ट किया कि उन्हें आवश्यक दवाइयां जिला अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से अपने दायित्वों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

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