न्यायिक अधिकारियों ने शेल्टर होम का किया निरीक्षण

सनत कुमार  बुधौलिया की रिपोर्ट

उरई ।          न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित दो शैल्टर होम राठ रोड में संचालित ‘‘वृद्धाश्रम‘‘ एवं मु० लहरियापुरवा स्थित ‘‘आश्रय-गृह‘‘ का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बहुत बारीकी से व्यवस्थाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी कर्मचारीगण को दिये। न्यायिक अधिकारियों ने उक्त दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को जांचा-परखा।
सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड उरई में स्वैच्छिक संस्था शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था, एफ-473 गुजैनी रतनलाल नगर, कानपुर नगर के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 126 संवासी उपस्थित मिले। उपस्थित पंजिका के अनुसार रात्रिकालीन कर्मचारीगण एवं स्टाफ नर्स श्रीमती अर्चना को छोड़कर सभी कर्मचारीगण उपस्थित मिले। स्टाफ नर्स श्रीमती अर्चना के बारे में पूछे जाने पर उपस्थित कर्मचारी द्वारा बताया गया कि स्टाफ नर्स श्रीमती अर्चना मेडिकल कॉलेज संवासियों के इलाज हेतु गयी हैं।
वृद्धाश्रम की संवासियों से पूछा गया कि उन्हे चाय-नाश्ता और सुबह-शाम का भोजन समय से मिल रहा है या नहीं, इस पर संवासियों द्वारा बताया गया कि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार मिल रहा हैं। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर स्टाफ नर्स उपस्थित मिली, जिनसे संवासियों की चिकित्सा/प्राथमिक उपचार हेतु डिस्पेन्सरी में आवश्यक दवाओं के बारे में जानकारी ली गयी। पूछे जाने पर किसी भी संवासी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई।
इसके उपरान्त समस्त न्यायिक अधिकारीगण द्वारा जिला कारागार उरई का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण किया और वहां निरूद्ध बन्दियों से पूछ-तांछ करते हुये उनकी समस्यों को जाना समझा तथा जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस मौके पर जेल प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद थे।
निरीक्षण में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती मनाली चन्द्रा ने जिन बन्दियों की जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी हैं किन्तु जमानतगीर न होने के कारण रिहा नहीं हो पा रहे हैं, उनकी सूची अविलम्ब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के कार्यालय में प्रेषित किये जाने हेतु जेल प्रशासन को निर्देशित किया, जिससे कि उन बन्दियों के सम्बन्ध में प्रभावी पैरवी कर उन्हे शीघ्रता से कारागार से रिहा करवाया जा सकें। समस्त न्यायिक अधिकारीगण द्वारा जिला कारागार की विभिन्न बैरकों एवं पाकाशाला का निरीक्षण किया।
इसके उपरान्त नगर पालिका परिषद उरई जनपद जालौन के सहयोग से मु० लहरियापुरवा में लखनऊ के एन०जी०ओ० द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न बिन्दुओं पर जांच-पड़़ताल की। मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर समस्त दवायें सही तथा व्यवस्थित पायी गयी। यहां की आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला तथा पूर्व कई महीनों से एस०डी०आर०एफ० की टीम आश्रय गृह में रुकी थी।
निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती मनाली चन्द्रा शामिल रही तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन स्थान उरई के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे।

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