तत्काल बैटरी रिक्शा, कक्षा 9 में प्रवेश और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के दिए निर्देश*

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  विजय द्विवेदी की रिपोर्ट

उरई।    संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब विकास खण्ड कुठौंद के ग्राम विचौली निवासी लगभग 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हिमांशु कुमार अपनी माता के साथ समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक श्री विनय कुमार सिंह के समक्ष पहुंचे। अत्यंत गरीब परिवार से आने वाले हिमांशु ने बताया कि उनके पिता बाहर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शारीरिक एवं आर्थिक अभाव और आवागमन की कठिनाइयों के बावजूद उसने कक्षा 8 तक की पढ़ाई पूरी की है और अब वह आगे भी शिक्षा जारी रखकर अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है। हिमांशु की शिक्षा के प्रति लगन और आत्मविश्वास को देखकर जिलाधिकारी ने उससे बातचीत कर उसका हौसला परखा डीएम एसपी ने हिमांशु से पहाड़ा, गुणा और भाग के प्रश्न पूछे, जिनका उसने बिना किसी झिझक के एकदम सटीक उत्तर दिया। उसकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा से प्रभावित होकर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे बच्चों का उत्साह बढ़ाना प्रशासन का दायित्व है, क्योंकि यही बच्चे भविष्य में समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। जिलाधिकारी ने तत्काल जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देशित कर हिमांशु को बैटरी चालित रिक्शा उपलब्ध कराया, ताकि वह बिना किसी परेशानी के विद्यालय जा सके। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि हिमांशु का कक्षा 9 में तत्काल प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए। इसके अतिरिक्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उसे शासन की पेंशन समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए, जिससे उसकी शिक्षा और भविष्य किसी भी आर्थिक बाधा से प्रभावित न हो।सर्वविदित है कि माननीय मुख्यमंत्री जी की स्पष्ट मंशा है कि कोई भी दिव्यांगजन संसाधनों के अभाव में शिक्षा, रोजगार या सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे। शासन की प्रत्येक योजना का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी जरूरतमंद दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। बैटरी चालित रिक्शा प्राप्त करने के बाद हिमांशु और उसकी माता की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। हिमांशु ने कहा कि अब वह नियमित रूप से विद्यालय जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करेगा और अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करेगा। उसने इस संवेदनशील पहल के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी तथा जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उसे केवल एक बैटरी रिक्शा नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का नया विश्वास और भविष्य की नई राह दी है।

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