योगी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में जिले में हुआ सैकड़ो करोड़ का निवेश*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: i    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 9 वर्ष का कार्यकाल बांदा के लिए कई सौगातें लेकर आया है। जहां एक तरफ बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बन जाने से सीधे देश की राजधानी दिल्ली से कनेक्टिविटी हो गई है तो वही अब बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए यहां पर बड़ी संख्या में औद्योगिक निवेश होगा। 9 साल की कार्यकाल में बांदा जिला इन्वेस्टमेंट का हब बनकर उभरा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विकास की नई इबादत लिखते हुए बांदा जिले में 1483.38 करोड रुपए के 107 निवेश समझौतों पर मुहर लगी है। जिला उद्योग विभाग ने दावा किया है कि इन प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतर जाने के बाद यहां के 3739 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से यहीं पर काम मिलेगा और यह निवेश न केवल बांदा जिले की तस्वीर बदलेगा बल्कि यहां की स्थानीय प्रतिभाओं को अपने ही जिले में काम करने का अवसर भी प्रदान करेगा। जिससे पलायन जैसी समस्याओं पर पूरी तरह से अंकुश लग जाएगा।

*54 प्रोजेक्ट हुए शुरू, 563.45 करोड़ रुपये का हुआ निवेश*

बांदा जिले में 107 निवेश समझौते हुए हैं। जिसमें 1483.38 करोड़ रुपए का निवेश होगा और सभी प्रोजेक्टों के शुरू हो जाने के बाद यहां पर 3739 लोगों को रोजगार मिलेगा। जिसके क्रम में 70 प्रोजेक्टों का भूमि पूजन हो गया है जो जल्द ही संचालित हो जायेगें। जिसमें 995.03 करोड़ रुपए का कुल निवेश होना है। सभी 70 प्रोजेक्टों के शुरू हो जाने के बाद 2119 लोगों को जल्द ही रोजगार मिलेगा। वहीं जिले में अभी तक 54 प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं जिसमें 563.45 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है और 1590 लोगों को रोजगार मिला है।

*सौर्य ऊर्जा के क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ का हुआ निवेश व लगे कई प्लांट*

बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं। जिसको लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियां अब यहां पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश कर रही हैं। जिसके क्रम में पैलानी क्षेत्र के अलोना गांव में अवाडा ग्रुप ने 350 करोड रुपए की लागत से सोलर प्लांट स्थापित किया है। जहां पर 70 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इसके अलावा सनस्योर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने यहां पर सौर्य ऊर्जा के 3 प्लांट स्थापित किए हैं। जिसमें पैलानी क्षेत्र के खप्टिहा कला गांव में 62-62 करोड रुपए की लागत से 15-15 मेगावाट के 2 प्लांट स्थापित किए गए हैं। वहीं बबेरू क्षेत्र में 35 मेगावाट का 183.70 करोड रुपए की लागत से सौर ऊर्जा का प्लांट स्थापित किया। वही रिमझिम इस्पात प्राइवेट लिमिटेड नरैनी क्षेत्र के गुढ़ा गांव में एक बड़े सोलर प्लांट को स्थापित करने जा रही है। जिसके जरिए सैकड़ो लोगों को रोजगार मिलेगा।

*टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, स्वास्थ्य, एमएसएमई व अन्य सेक्टरों में भी हुआ निवेश*

निवेशको ने जिले में टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग, डेरी, स्वास्थ्य एमएसएमई, व अन्य सेक्टर में भी निवेश किया है। जिसके चलते बांदा जिले की सूरत बदल गई है और कभी अपेक्षा और पिछड़ेपन की मार झेलने वाला यह क्षेत्र आज इन प्रोजेक्टों के दम पर औद्योगिक हब के रूप में उभर कर सामने आ रहा है।

जिला उद्योग विभाग के डिप्टी कमिश्नर गुरुदेव रावत ने बताया की औद्योगिक विकास के लिहाज से अब बांदा तरक्की कर रहा है। सरकार और विभाग के प्रयास से जिले में इतने बड़े पैमाने पर निवेश हुए हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है और धीरे-धीरे दूसरे राज्यों के लोग यहां आ रहे हैं और निवेश करना चाह रहे हैं।

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