अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। * उत्तर प्रदेश की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे को अपराध और नशा मुक्त बनाने का जो संकल्प लिया था वह अब धरातल पर पूरी ताकत से उतरता दिख रहा है। सूबे की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जनपद बांदा में ड्रग्स माफियाओं और नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई अमल में लाई गई है। बांदा पुलिस ने बेहद सक्रियता दिखाते हुए जिले के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 165 मुकदमों को निस्तारित करते हुए इस बड़ी कार्रवाई के तहत रिकॉर्ड 285 किलोग्राम हानिकारक मादक पदार्थों को आग के हवाले कर पूरी तरह से डिस्पोजल कर दिया गया है। पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई से जिले के ड्रग्स सिंडिकेट और अपराधियों की रीढ़ टूट गई है।
*कोतवाली नगर और पैलानी पुलिस ने पेश की मिसाल*
नशे के इस काले कारोबार को ध्वस्त करने में कोतवाली नगर पुलिस और पैलानी पुलिस की भूमिका सबसे अहम रही। सरकारी आंकड़ों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक कोतवाली नगर पुलिस ने सबसे बेहतरीन काम करते हुए रिकॉर्ड 45 लंबित मामलों का निपटारा किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने मालखाने से करीब 48 किलोग्राम नशीला पदार्थ निकालकर उसे नष्ट करने के लिए भेजा। वहीं दूसरी तरफ ,पैलानी थाना पुलिस ने भी कड़ी तत्परता दिखाते हुए 43 मामलों के माल का सफल निस्तारण किया। थानों के मालखानों में बरसों से बंद पड़े इस नशीले पदार्थ को मजिस्ट्रेट और उच्चाधिकारियों की गठित विशेष कमेटी की निगरानी में पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए नष्ट किया गया।
*जनता ने सराहा मुख्यमंत्री का ‘जीरो टॉलरेंस’ मॉडल*
बांदा की इस बड़ी सफलता को लेकर लोगों का कहना है कि युवा पीढ़ी को खोखला कर रहे ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई लंबे समय से जरूरी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के कारण ही आज बांदा पुलिस अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने में कामयाब रही है। सरकार का यह हंटर केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है बल्कि उनके आर्थिक साम्राज्य और नशे के अवैध स्टॉक को भी जमींदोज कर रहा है। पुलिस कप्तान पलाश बंसल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि बांदा की धरती पर पैर पसारने वाले नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
