अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। रक्तदान केवल रक्त का दान नहीं, बल्कि किसी बुझती हुई जिंदगी को फिर से उम्मीद की रोशनी देने का महान कार्य है। मानवता की ऐसी ही प्रेरणादायी मिसाल तिंदवारी निवासी सौरभ सिंह ने पेश की।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे 13 वर्षीय बालक अनमोल सेन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा उसे तत्काल एक यूनिट ए पॉजिटिव (A+) रक्त की आवश्यकता बताई गई। परिजनों के सामने रक्त की व्यवस्था करना बड़ी चिंता बन गया था।
जैसे ही रक्त की आवश्यकता की सूचना सर्वर्स ऑफ लाइफ ब्लड डोनेशन नेटवर्क ग्रुप में साझा की गई, तिंदवारी के सौरभ सिंह बिना किसी देरी के मानवता का धर्म निभाने के लिए आगे आए। उन्होंने जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक पहुंचकर अनमोल के लिए अपना 9वां रक्तदान किया और संकट की इस घड़ी में पीड़ित बालक व उसके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बने।
सौरभ सिंह का यह सेवा भाव बताता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है। किसी अनजान व्यक्ति के जीवन की रक्षा के लिए स्वेच्छा से रक्तदान करना समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है। उनका यह नौवां रक्तदान न केवल अनमोल के उपचार में सहायक बना, बल्कि युवाओं को भी रक्तदान जैसे महादान के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।
रक्तदान के समय संस्था के अध्यक्ष सलमान खान, महासचिव सुनील सक्सेना, बालेन्द्र तिवारी सहित ब्लड बैंक का स्टाफ मौजूद रहा। संस्था के पदाधिकारियों ने सौरभ सिंह के इस मानवीय कार्य की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं, क्योंकि रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकती है।
सौरभ सिंह जैसे रक्तवीर समाज की वह ताकत हैं, जो किसी अनजान की सांसों को बचाने के लिए अपना रक्त देने से भी पीछे नहीं हटते। अनमोल के लिए किया गया यह रक्तदान मानवता, सेवा और भाईचारे की एक खूबसूरत मिसाल बन गया।
सर्वर्स ऑफ लाइफ के महामंत्री सुनील सक्सेना ने बताया हमारी संस्था लगातार 8 वर्षों से रक्तदान करने का कार्य कर रही है कार्य रही है अब तक और लगभग 3300 से अधिक लोगों को रक्तदान कर उनकी मदद कर जान बचाने का कार्य संस्था के द्वारा किया गया है।
*“रक्त का कोई धर्म नहीं होता, रक्तदाता की केवल एक पहचान होती है—वह किसी की जिंदगी बचाने वाला इंसान होता है।”*
