राघवेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई जालौन। सरकारी बंदिशें और जगह की कमी भी परिवहन विभाग के हरित संकल्प को डिगा नहीं सकीं। रविवार को एआरटीओ सौम्या पाण्डेय की अगुवाई में विभाग ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक बड़ा कदम उठाया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्यालय परिसर, डम्पिंग यार्ड और विभिन्न एजेंसी परिसरों की खाली जमीनों को चुनकर कुल 1000 पौधे रोपे। दरअसल, ज़िलाधिकारी द्वारा जगह की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए परिवहन विभाग का इस बार का वृक्षारोपण लक्ष्य समाप्त कर दिया गया था। इसके बावजूद एआरटीओ और उनके स्टाफ ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कबाड़ और कंक्रीट से घिरे रहने वाले डम्पिंग यार्ड की सूरत बदलने की ठानी और रविवार की छुट्टी के दिन जमकर पसीना बहाया। इस मौके पर एआरटीओ सौम्या पाण्डेय ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान सिर्फ औपचारिकता या पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें ट्री-गार्ड देकर नियमित रूप से सींचना और जीवित रखना भी हमारी प्राथमिकता है। इस मुहिम में पूरे स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि भविष्य में उनकी देखरेख करने का सामूहिक संकल्प भी लिया। साथ ही आम जनता से भी प्रकृति को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की
