बांदा के पारंपरिक स्वाद को पंख देगी योगी सरकार*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

 

बांदा।    बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती बांदा के पारंपरिक व्यंजनों के अच्छे दिन आ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत अब बांदा की मशहूर बालूशाही और सोहन हलुआ को वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। योगी सरकार ने बांदा के इन लजीज व्यंजनों के कारोबारियों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए खजाना खोल दिया है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ बांदा का स्वाद देश-विदेश में महकेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।

*25 लाख से डेढ़ करोड़ तक की भारी सब्सिडी*

बांदा के ओडीओसी (एक जिला एक उत्पाद) में चयनित बालूशाही और सोहन हलुआ के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगी सरकार ने ऐतिहासिक वित्तीय मदद का ऐलान किया है। योजना के अंतर्गत व्यंजन बनाने के प्रतिष्ठानों को शुरू करने या उनके आधुनिकीकरण के लिए 25 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार द्वारा 10 से 25 प्रतिशत तक की भारी मार्जिन मनी (सब्सिडी) दी जाएगी। इस वित्तीय सहायता से छोटे मिठाई विक्रेताओं से लेकर बड़े निर्माताओं तक सभी को अपने व्यापार का विस्तार करने में सीधी मदद मिलेगी।

*होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को मिलेगा सीधा लाभ*

सरकार की इस कल्याणकारी योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। बांदा जिले के अंतर्गत आने वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट, हाईवे के ढाबे, मिठाई की दुकानें और इन पारंपरिक व्यंजनों को बनाने वाले छोटे-बड़े कुटीर उद्योगों को इस योजना में शामिल किया गया है। जो कारोबारी अपनी पुरानी दुकानों का सुंदरीकरण करना चाहते हैं या नई आधुनिक मशीनें लगाकर उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं। उनके लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। जिला प्रशासन ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है ताकि पात्र कारोबारियों को बिना किसी तकनीकी बाधा के लोन और सब्सिडी का लाभ मिल सके।

*योगी सरकार ने संवारी बांदा की पहचान*

स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बांदा के हुनर और यहां के पारंपरिक स्वादों को हमेशा नजरअंदाज किया लेकिन योगी सरकार ने बांदा की बालूशाही और सोहन हलुआ को एक जिला एक व्यंजन में शामिल करके इस कला को मरने से बचा लिया है और आज योगी सरकार की नीतियों के कारण ही बांदा का छोटा व्यापारी भी डेढ़ करोड़ तक के बड़े प्रोजेक्ट का सपना देख पा रहा है। कहा जाए तो ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड के विकास को एक नई दिशा दे रही है, जिससे पूरा बांदा जिला गौरव महसूस कर रहा है।

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