स्पर्श एक अनुभूति’ विषय की प्रासंगिकता पर अभिभावक अभिनंदन समारोह सम्पन्न

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बाँदा।     , शुक्रवार को शहर के अग्रणी शिक्षण संस्थान विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल में अत्यंत भावुक एवं जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम ‘स्पर्श एक अनुभूति’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श (Good Touch–Bad Touch) के अंतर के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें इस विषय पर खुलकर संवाद के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एडवोकेट एवं भारतीय जनता पार्टी महिला प्रकोष्ठ की प्रवक्ता श्रीमती ममता मिश्रा द्वारा माँ शारदे की प्रतिमा के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। छात्राओं ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

इसके पश्चात ‘स्पर्श’ विषय पर आधारित एक लघु नाटक का मंचन किया गया, जिसमें दर्शाया गया कि माता-पिता का विश्वास, संवाद और सही मार्गदर्शन बच्चों को हर चुनौती का सामना करने की शक्ति देता है। किड्जी हेड श्रीमती अनुपमा सिंह गौतम ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन संवेदनशीलता, सहानुभूति और मानवीय मूल्यों को जागृत करने वाला सशक्त मंच है।

जूनियर वर्ग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उल्लास और बसंती रंग में रंग दिया।

विद्यालय के डायरेक्टर पूर्णाषीश रथ ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और भावनात्मक कल्याण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संवाद है। उन्होंने कहा कि गुड-टच, बैड-टच अभियान का उद्देश्य बच्चों को सजग बनाना और अभिभावकों को आत्मविश्वास के साथ इस विषय पर चर्चा करने के लिए प्रेरित करना है।

मंच के माध्यम से श्री श्याम जी निगम ने अभिभावकों की ओर से बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रश्न मुख्य अतिथि के समक्ष रखे। अपने वक्तव्य में श्रीमती ममता मिश्रा ने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ कोई भी गलत घटना घटित होती है तो अभिभावक तुरंत सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में POCSO Act के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में चुप न रहें और बच्चों को निडर होकर अपनी बात कहने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अभिभावकों को उनके अमूल्य सहयोग के लिए स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कई अभिभावक बच्चों के स्नेह और सम्मान को देखकर भावुक हो उठे।

विद्यालय की प्रधानाचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि घर बच्चों की पहली पाठशाला है और माता-पिता उनके प्रथम शिक्षक। “स्पर्श” एक ऐसा एहसास है जो बच्चों को सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

कार्यक्रम का समापन समूह नृत्य एवं होली गीत की मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुआ। यह आयोजन विद्यालय और अभिभावकों के मध्य विश्वास एवं सहयोग के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सफल रहा।

अंत में प्राइमरी हेड श्रीमती नेहा कक्कड़ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर की।

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