रिपोर्ट अनिल प्रभाकर
*इलाहाबाद* ,,इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किरायेदारी से संबंधित एक मामले में निचली अदालत को कानून के अनुसार शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा है कि मामले का निस्तारण अधिमानतः 60 दिनों के भीतर किया जाए तथा किसी भी पक्ष को अनावश्यक स्थगन न दिया जाए।
यह आदेश रिट-ए संख्या 1463/2026 (आरिफ बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य) में पारित किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बैकुंठ नाथ सिंह एवं शिवांगी चतुर्वेदी ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से हरिश्चन्द्र केसरी अदालत में उपस्थित रहे।
याचिका में कहा गया कि अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व), जालौन, उरई के समक्ष उत्तर प्रदेश शहरी परिसरों का विनियमन (किरायेदारी) अधिनियम, 2021 की धारा 23 के अंतर्गत लंबित वाद में बार-बार तारीखें लगने से अनावश्यक विलंब हो रहा था। इस पर न्यायालय ने अधिनियम की धारा 33(2) का उल्लेख करते हुए शीघ्र निस्तारण की अपेक्षा के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया।
