बांदा में 544 गावों में पहुंचा जल जीवन मिशन के तहत लोगों के घरों तक पानी*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: 8 फरवरी-* कुछ सालों पहले जहां बुंदेलखंड का नाम आते ही सूखा, पानी की कमी और प्यास शब्द लोगों के जहन में सबसे पहले आ जाता था। मगर अब बुंदेलखण्ड के नाम से ये शब्द पूरी तरह से हट चुके हैं। पानी की कमी से जूझने वाले इस बुंदेलखंड को वर्तमान सरकार ने पानी की कमी से आजादी दिला दी है। जिससे अब यहां पानी की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। जहां पहले इस क्षेत्र के लोग कुओं, तालाबों, नदी व पोखरों आदि पर पानी के लिए निर्भर थे। वहीं आज यहां के लोगों को इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिल चुका है। बांदा में जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल नल” योजना के अंतर्गत लोगों को अब उनके घरों में नल से पानी मिलने लगा है। जिले में जल जीवन मिशन के तहत 2 पेयजल परियोजनाएं संचालित है। जिसमें पहली अमलीकौर पेयजल परियोजना है तो वहीं दूसरी खटान पेयजल परियोजना है। जिसके जरिये लोगों को अब नल से जल मिल रहा है।

*अमलीकौर व खटान पेयजल परियोजना के जरिए 544 गावों में पहुंचा पानी*

जिले में संचालित अमलीकौर पेयजल परियोजना के तहत 202 गांवों में पानी पहुंचाया जा चुका है और यहां के लोगों को अब नल से जल मिलाने लगा है। इस योजना के जरिए अब तक 82266 कनेक्शन किया जा चुके हैं। जिसके जरिए लाखों लोग पानी की समस्या से छुटकारा पा चुके हैं।

वही खटान पेयजल परियोजना के जरिए 342 गावों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष 320 गांवों में सामान्य रूप से रोजाना पानी की सप्लाई की जा रही है। वही 22 गावों में पानी की टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है और जल्द ही इन गांवों में भी पानी की सप्लाई सामान्य रूप से चालू कर दी जाएगी। वही इस योजना के अंतर्गत 127889 कनेक्शन किया जा चुके हैं और लोगों को पानी मिलने लगा है।

*लखनऊ से आये अधीक्षण अभियंता ने किया कई गांवों का निरीक्षण*

जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल जल योजना की क्या प्रगति है। इसका निरीक्षण करने के लिए शनिवार को लखनऊ से अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र कुमार चौधरी बांदा पहुंचे। जहां पर इन्होंने सुबह से लेकर देर शाम तक जिले के अलग अलग क्षेत्रों के कई गांवों में जाकर निरीक्षण किया और ग्रामीणों से इस योजना के संबंध में बात की। जहां पर लोगों ने बताया कि पहले पानी की इन्हें समस्या से परेशान होना पड़ता था। वही सरकार द्वारा शुरू की गई इस पेयजल परियोजना के जरिए अब उन्हें उनके घरों में ही आसानी से स्वच्छ पानी मिलने लगा है।

*बड़ोखर खुर्द व जसपुरा ब्लाक के सभी गावों में रोजाना हो रही पेयजल आपूर्ति*

बड़ोखर खुर्द ब्लाक के बांधा पुरवा गांव के रहने वाले परदेशी, सर्वेश यादव, सुनीता व राम आशीष ने बताया कि हमारे गांव में रोजाना सुबह और शाम पानी की सामान्य रूप से सप्लाई हो रही है। जहां सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पानी की आपूर्ती होती है तो वहीं शाम 4 बजे से 6 बजे तक पानी की होती है। वही पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया था उन्हें भी ठीक करा दिया गया है। इसके अलावा इसी ब्लाक के मथनाखेड़ा गांव के रहने वाले सुरेश, फूलकुमारी, रोशनी व पूनम ने बताया कि हमारे यहां भी पिछले लगभग 2 साल से पानी की सामान्य रूप से सप्लाई की जा रही है और पानी की कोई समस्या नहीं है। वहीं इस ब्लाक के ददरिया गांव के रहने वाले कमल, भूरा व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 2 साल पहले हमारे घरों में पानी की टोटियां लगा दी गई थी। जहां रोजाना सुबह और शाम पानी की सप्लाई की जाती है। इन्होंने बताया कि जहां हमें पानी के लिए पहले परेशान होना पड़ता था। वहीं अब हमको हमारे घरों में ही स्वच्छ पानी मिल रहा है। साथ ही इसी ब्लाक के जौरही गांव के रहने वाले रामकरण, लीला, हुकुम सिंह व बाबूदेवी ने बताया की हमारे घरों में भी लगभग डेढ़ साल पहले पानी की टोटियां लगाई गईं थीं और हमें रोज पानी मिल रहा है।

जसपुरा ब्लाक के अदरी गांव की रहने वाली रामकली, गुड़िया, रामफल ने भी बताया कि हमारे गांव में पानी की कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा इसी ब्लाक के लसड़ा गांव के रहने वाले नीलबरन सिंह, अहम व रेनू ने भी बताया कि हमारे यहां सामान्य रूप से पानी की रोजाना सप्लाई हो रही है। वहीं हूसीपुरवा गांव के रहने वाली सुनीता, संतोषी, सदाप्यारी व फूलकली ने बताया कि पानी की कोई समस्या नहीं है।

*सहूरपुर गांव में 24 घंटे होती है पानी की सप्लाई*

जसपुरा ब्लाक के सहूरपुर गांव गांव में 106 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। जिसके चलते इस गांव में 24 घंटे पानी की सप्लाई होती है। इस गांव के रहने वाले रणजीत सिंह यादव, राजकुमारी, विमल, गुड्डन व रनिया ने बताया कि हमारे गांव में 24 घंटे पानी आता है और पानी की कोई समस्या नहीं है। वही सड़कों की भी मरम्मत करा दी गई है।

*सामान्य रूप से की जा रही पानी की आपूर्ति*

जल निगम के अधिशासी अभियंता विमल कुमार वर्मा ने बताया कि हमारे बांदा जिले में 2 पेयजल परियोजनाएं संचालित है। जिनके जरिए लोगों को उनके घरों तक नल से पानी देने का काम किया जा रहा है। इन्होंने बताया कि रोजाना सुबह और शाम पानी की सप्लाई की जा रही है और पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया था। उनको भी ठीक कर दिया गया है और किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।

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