अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
आज i राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मुलन कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय डा0 विजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में मोर्विडिटी मैनेजमेन्ट एण्ड डिसएबिलिटि मैनेजमेन्ट किट (एम0एम0डी0पी0 किट ) के वितरण हेतु कैम्प का आयोजन किया गया। उक्त कैम्प में शहरी क्षेत्र बांदा के फाइलेरिया ( हाथी पाॅव) से ग्रसित रोगिंयों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय ने मोर्विडिटी मैनेजमेन्ट किट वितरित की एवं फाइलेरिया से प्रभावित अंग की सुरक्षा के उपाय बताये। कैम्प में कुल अर्बन बांदा से 25 हाथी पाॅव के रोगियों ने प्रतिभाग किया। जनपद में कुल 797 फाइलेरिया के रोगी है सभी को इस वर्ष एम0एम0डी0 किट का वितरण किया जाना है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी0बी0डी0 बांदा, द्वारा फाइलेरिया रोग से सम्बन्धित जानकारी देते हुए सभी को अवगत कराया कि उक्त रोग मच्छर के काटने से होता है, इस रोग में हांथ , पैर , अण्डकोश, स्तन आदि का आकार सामान्य से अधिक मोटा हो जाता है। फाइलेरिया रोग से बचाव हेतु मच्छर के काटने से बचे, मच्छर दानी का प्रयोग करें, घर व घर के आस पास साफ सफाई रखें पानी को एकत्रित न होने दे, रोगी नियमित दवा का सेवन करें एवं घर के समस्त सदस्यों की जॉच अवश्य करायें। फाइलेरिया की जाॅच प्रत्येक मंगलवार को शाम 7ः30 बजे के बाद कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी परसिर में स्थापित मलेरिया लैब में की जाती है।
उक्त कैम्प में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी0बी0डी0 डा0 आर0एन0 प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अजय कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 विजय शंकर केशरवानी, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक एन0एच0एम0 श्री कुशल यादव, सहायक मलेरिया अधिकरी श्री विजय बहादुर, बायोलॅाजिस्ट, श्री अतुल कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार श्री प्रदीप कुमार, एवं फाइलेरिया, निरीक्षक श्री गोपाल यादव, दिलीप कुमार सिंह एवं श्री सूरज खिरिया, मलेरिया निरीक्षक भानू प्रताप सिंह तथा एच0एस0 श्री राकेश खरे उपस्थित रहे।
‘‘ फाइलेरिया की जॉच प्रत्येक मंगलवार कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी बांदा परिसर में सायं 7ः30 बजे निशुल्क की जाती है‘‘।
