बांदा के बबेरू-तिन्दवारी व सुमेरपुर मार्ग पर गडरा नाले के दिन बहुरेंगे*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा:।   * मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बुंदेलखंड के विकास की प्रतिबद्धता एक बार फिर धरातल पर उतरती दिख रही है। योगी सरकार की नो पेंडेंसी नीति के तहत बांदा के बबेरू-तिन्दवारी-सुमेरपुर मार्ग पर स्थित गडरा नाले के दिन अब बहुरने वाले हैं। वर्षों से रपटे की समस्या से जूझ रहे इस इलाके के हजारों लोगों को राहत देने के लिए यहां पर योगी सरकार 5.23 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य लघु सेतु का निर्माण करा रही है। जिसका कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। जहां अब तक इस मार्ग पर रपटा होने के कारण बारिश के दिनों में जलभराव और फिसलन से यातायात बाधित हो जाता था। जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए यहां पक्के पुल की सौगात दी है। यहां पर 25 मार्च 2026 से निर्माण कार्य विधिवत प्रारंभ हो चुका है जिसे मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

*योगी सरकार की नो पेंडेंसी नीति का दिख रहा असर*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में देरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस परियोजना को प्राथमिकता पर रखते हुए मशीनों और श्रमिकों की भारी तैनाती के साथ काम को गति दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना समय सीमा के भीतर पुल को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

*बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान*

यह पुल केवल दो किनारों को नहीं जोड़ेगा। बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के द्वार भी खोलेगा। बबेरू, तिन्दवारी और सुमेरपुर के बीच निर्बाध यातायात से किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में आसानी होगी और स्थानीय व्यापार को रफ्तार मिलेगी। वहीं प्रदेश सरकार के इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कहा जाए तो योगी सरकार के कार्यकाल में बुंदेलखंड को वह सम्मान और विकास मिला है। जिसकी दशकों से प्रतीक्षा थी। गडरा नाले पर पुल बनने से हमारी सालों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

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