मंदसौर/नाहरगढ(तुलसीराम राठौर)–मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विनोद सेन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि प्रदेश में OBC आरक्षण को 27% किया जाए और अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी अलग से कोटा निर्धारित किया जाए।
विनोद सेन ने आंकड़ों के साथ कहा कि मध्य प्रदेश की OBC सूची में 87 नंबर तक जातियां शामिल हैं। इनमें मुस्लिम समुदाय की 38 जातियां भी हैं। शेख, सैय्यद और पठान को छोड़कर लगभग सभी मुस्लिम जातियां OBC में सूचीबद्ध हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश में OBC आबादी 52% है और मुस्लिम समुदाय 6.6% है। यानी कुल 58.6% आबादी पिछड़े वर्ग से आती है। लेकिन दुर्भाग्य है कि आज इस 58.6% आबादी को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और निगम-मंडलों में महज 14% प्रतिनिधित्व मिल रहा है। ये पिछड़ों के साथ खुला अन्याय और उनके अधिकारों का हनन है।
श्री सेन ने ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री से 3 बड़ी मांग की हैं जिसमें उन्होंने कहा कि OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर सीधे 27% किया जाए, अति पिछड़ा वर्ग का अलग कोटा निर्धारित किया जाए, जिसमें नाई, धोबी, दर्जी, कुम्हार, लोहार जैसी 20 से अधिक जातियों की विशेष भागीदारी सुनिश्चित की जाए। वहीं इसका प्रस्ताव 9 वीं अनुसूची में जोड़ा जाए।
श्री सेन ने कहां की ओबीसी वर्ग को लेकर की गई हमारी मांगों को विधानसभा के मानसून सत्र में पास कराकर केंद्र सरकार को भेजा जाए, ताकि न्यायालय में ये कानून सुरक्षित रह सके।
विनोद सेन ने कहा बिहार ने 18% अलग आरक्षण देकर अति पिछड़ा वर्ग का भला किया है। मध्य प्रदेश भी वही मॉडल अपनाया जाए। जब तक 58.6% की भागीदारी नहीं होगी, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि ओबीसी वर्ग को लेकर प्रदेश में जिस तरह की असमानता व्याप्त है वह स्वीकार नहीं है सरकार को इसके लिए शीघ्र ही कदम उठाना चाहिए। अगर सरकार ने जल्द ही इस मामले पर सख्त कदम नहीं उठाए तो परिषद प्रदेश भर में ओबीसी को 27% आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध आंदोलन करेगी।
श्री सेन ने कहा कि राज्य सरकार को 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर शीघ्र ठोस कदम उठाना चाहिए। जिससे ओबीसी वर्ग के साथ न्याय हो सके ।
