के के श्रीवास्तव की रिपोर्ट
उरई (जालौन) बरसात के मौसम में आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सदर उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह ने निर्माणाधीन पुलों एवं रपटों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रगोली गांव में निर्माणाधीन नाला पुल तथा नून नदी पर बने रपटे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही लोक निर्माण विभाग के तीनों खंडों के अधिकारियों को पत्र भेजकर एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए हैं।शुक्रवार को एसडीएम ज्योति सिंह रगोली गांव स्थित निर्माणाधीन नाला पुल का निरीक्षण करने पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि पुल के दोनों ओर केवल पतले बांसों से औपचारिक बैरिकेडिंग की गई थी, जो सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह अपर्याप्त थी। निर्माण स्थल पर मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था न होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इस लापरवाही पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी कमी यह सामने आई कि निर्माण स्थल पर कहीं भी चेतावनी अथवा संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए थे। न तो निर्माण कार्य की जानकारी देने वाला बोर्ड मौजूद था और न ही राहगीरों को सावधान करने के लिए कोई चेतावनी पट्टिका लगाई गई थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एसडीएम ने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवश्यक संकेतक एवं चेतावनी बोर्ड तत्काल लगाए जाएं।
इसके बाद एसडीएम ने नून नदी पर बने रपटे का भी निरीक्षण किया। यहां भी सुरक्षा एवं रखरखाव से संबंधित कुछ कमियां मिलीं, जिन्हें शीघ्र दूर कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एसडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिली सभी कमियों का विस्तृत विवरण लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को भेजा जा रहा है। विभाग को निर्देशित किया गया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बाद दोबारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। यदि उस समय भी कमियां या अव्यवस्थाएं पाई गईं तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान पुल, पुलिया एवं रपटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन का उद्देश्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी निर्माण एजेंसियों को निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन करना होगा, अन्यथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
