*बांदा में मछली पालन से आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं* *आजीविका मिशन के तहत 19 महिला समूहों ने संभाली कमान*

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  अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

 

*बांदा: ।-* ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत जिले की ग्रामीण महिलाएं अब मछली पालन के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल कर रही हैं। बांदा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूह इस अभिनव पहल से जुड़कर न सिर्फ सशक्त हो रहे हैं, बल्कि बेहतरीन मुनाफा भी कमा रहे हैं।

*सैकड़ो महिलाओं को मिला प्रशिक्षण, 82 के यहां बने बायो फ्लाक टैंक*

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष परियोजना के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 350 महिलाओं का चयन किया गया था। इन सभी महिलाओं को मछली पालन की आधुनिक तकनीकों का विधिवत प्रशिक्षण दिया गया है। ताकि वे बिना किसी बाधा के इस व्यवसाय को संभाल सकें।

*चार ब्लॉकों में 82 बायो फ्लॉक टैंक स्थापित*

बांदा जिले के चार ब्लॉकों-नरैनी, बबेरू, बिसंडा और बड़ोखर खुर्द में इस आजीविका स्टार्टअप की शुरुआत की गई है। कुल 19 महिला समूह इस कार्य में पूरी तत्परता से जुटे हैं। पारंपरिक तालाबों के स्थान पर आधुनिक ‘बायो फ्लॉक तकनीक’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसके तहत जिले में कुल 82 बायो फ्लॉक टैंक बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 50 टैंक बबेरू क्षेत्र में, 22 टैंक बिसंडा में और 10 टैंक नरैनी क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं।

*उत्पादन से लेकर बिक्री तक कंपनी की जिम्मेदारी*

महिलाओं को बाजार और बिक्री की चिंताओं से मुक्त रखने के लिए योगी सरकार ने एक ठोस व्यवस्था की है। सरकार द्वारा नामित एक प्राइवेट कंपनी को इसकी पूरी देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है। यह कंपनी टैंकों में मछलियों के वैज्ञानिक उत्पादन से लेकर बाजार में उनकी बिक्री तक की पूरी जिम्मेदारी उठा रही है। इससे महिलाओं को सीधे अपने घर-गांव में ही रोजगार मिल रहा है और वे बिना किसी बिचौलिए के सीधा लाभ प्राप्त कर रही हैं। योगी सरकार की इस दूरदर्शी योजना ने बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का एक नया सवेरा ला दिया है।

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