अभिवादन एक्सप्रेस
मंदसौर /नाहरगढ (तुलसीराम राठौर)– राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रसारित निर्देशानुसार व माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर अनीष कुमार मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 09 मई, 2026 शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मंदसौर एवं तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में किया गया।
जिला न्यायालय परिसर स्थित ए.डी.आर. सेंटर भवन के सभागृह में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश अनीष कुमार मिश्रा द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर अनीष कुमार मिश्रा, जिला अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष अजय भावसार ने सम्बोधित कर अपने विचार व्यक्त किये। शुभारंभ कार्यक्रम में आभार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर के सचिव सुधीर सिंह निगवाल द्वारा तथा संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती अपर्णा लोधी द्वारा व्यक्त किया गया।
उक्त कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, मंदसौर श्रीमती प्रिया शर्मा, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) मनोज कुमार तिवारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ तिवारी, आसिफ अब्दुल्लाह, श्रीमती शिल्पा तिवारी, श्रीमती मंजू सिंह, आलोक प्रतापसिंह, मुनेन्द्रसिंह वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतुल बिल्लोरे, न्यायाधीशगण श्रीमती रोहिणी तिवारी, राजकुमार त्रिपाठी, हर्ष ठाकुर, श्रीमती रूचि पटेरिया अरोरा, चिराग अरोरा, श्रीमती तन्वी माहेश्वरी ठाकुर, सुश्री श्वेता सिंह, उत्कर्षराज सोनी, सुश्री उर्वशी यादव, सुश्री भामीनी राठी, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण, न्यायिक कर्मचारीगण, विभिन्न बैंक, बीमा कम्पनियां, विद्युत विभाग एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, खण्डपीठ सदस्यगण, लीगल एड डिफेंस काउंसल, पेनल अधिवक्ता, पैरालीगल वालेन्टियर्स इत्यादि उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिले में कुल 27 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया। उक्त लोक अदालत में न्यायालयों द्वारा रेफर किये गए 750 प्रकरणों में से कुल 656 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 4,41,10,785/-के अवार्ड पारित किये गये। इसी प्रकार कुल 9245 प्रीलिटिगेशन के प्रकरणों में से 1048 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 95,36,449/- राशि की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 24 प्रकरण निराकृत किए गए, जिसमें कुल राशि 80,47,000/- के अवार्ड पारित किये गये। विद्युत अधिनियम से संबंधित शमनीय प्रकृति के कुल 147 लंबित प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिसमें कुल 26,80,193 का अवार्ड पारित हुये। इस लोक अदालत में चैक बाउंस के 194 प्रकरण निराकृत किए गए जिसमें कुल राशि रू. 3,10,16,436/- के अवार्ड पारित किये गये।
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