-हर महादेव के जयघोष से गूंजेगी साल्हेवारा की धर्मधरा — 16 से 24 अगस्त तक नौ दिवसीय महारुद्राभिषेक, शिव महापुराण एवं श्रीरामकथा महोत्सव

शिव शर्मा की रिपोर्ट

साल्हेवारा। पवित्र श्रावण मास के पुण्य अवसर पर साल्हेवारा की धर्मधरा आगामी 16 अगस्त से 24 अगस्त तक भगवान शिव की भक्ति, रुद्र मंत्रों के गगनभेदी उच्चारण और श्रीराम के आदर्शों से गुंजायमान होने जा रही है। मंगल भवन, साल्हेवारा में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा, श्रीरामकथा एवं महारुद्राभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। ऐसे पावन अवसर पर आयोजित होने वाला महारुद्राभिषेक श्रद्धा, समर्पण और शिवभक्ति का विराट अनुष्ठान होगा। वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य भगवान शिव के रुद्र स्वरूप का अभिषेक किया जाएगा। जल, दुग्ध एवं विविध पूजन सामग्रियों से होने वाले अभिषेक के बीच जब वैदिक ऋचाओं और रुद्र मंत्रों की गूंज मंगल भवन में उठेगी, तो पूरा वातावरण शिवमय होने की अनुभूति कराएगा।
रुद्राभिषेक—शिव आराधना का दिव्य स्वरूप
महारुद्राभिषेक को भगवान शिव के प्रति आस्था, कृतज्ञता और आत्मसमर्पण की अभिव्यक्ति माना जाता है। शिव के रुद्र स्वरूप का विधिवत अभिषेक करते हुए श्रद्धालु सुख-शांति, सद्बुद्धि, सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करेंगे। श्रावण की पावन बेला में जब एक साथ अनेक श्रद्धालुओं के कंठ से “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” का जयघोष गूंजेगा, तब साल्हेवारा की फिजाओं में भक्ति की अद्भुत ऊर्जा का संचार होगा।
नौ दिनों तक धर्म और अध्यात्म की त्रिवेणी
आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक महारुद्राभिषेक, दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा तथा दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक श्रीरामकथा का आयोजन होगा। अर्थात नौ दिनों तक साल्हेवारा में सुबह से शाम तक शिवभक्ति, कथा, वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक चिंतन की त्रिवेणी प्रवाहित होगी।
श्री शिव महापुराण कथा का वाचन पं. श्री दुर्गा प्रसाद तिवारी जी द्वारा किया जाएगा, जबकि श्रीरामकथा का रसपान पं. श्री सूरज उपाध्याय जी कराएंगे। धार्मिक अनुष्ठानों को वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराने के लिए पं. रविंद्र तिवारी जी, पं. मनहरण प्रसाद तिवारी जी एवं पं. भुनेश्वर प्रसाद तिवारी जी वैदिक आचार्य के रूप में उपस्थित रहेंगे।
शिव महापुराण जहां भगवान शिव के स्वरूप, महिमा, भक्ति और धर्म के गूढ़ संदेशों से श्रद्धालुओं को जोड़ता है, वहीं श्रीरामकथा मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाती है। भगवान शिव की आराधना और प्रभु श्रीराम के चरित्र का यह अद्भुत संगम धार्मिक आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगा।
श्रद्धालुओं से भव्य सहभागिता की अपील
समस्त ग्रामवासी, साल्हेवारा ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं आसपास के ग्रामों के लोगों से आग्रह किया है कि इस पावन आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर महारुद्राभिषेक में सहभागी बनें, शिव महापुराण एवं श्रीरामकथा का श्रवण करें और इस नौ दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव को भक्ति एवं श्रद्धा से सफल बनाएं।
स्थान: मंगल भवन, साल्हेवारा (छत्तीसगढ़)
दिनांक: 16 अगस्त से 24 अगस्त 2026
महारुद्राभिषेक: प्रातः 7 से 11 बजे
श्री शिव महापुराण कथा: दोपहर 12 से 2:30 बजे
श्रीरामकथा: दोपहर 3 से 5 बजे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *