सनत कुमार बुधौलिया
लखनऊ – कुर्सी रोड पर विकास नगर मोड़ से लेकर टेढ़ी पुलिया के बीच लोक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से डिवाइडर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है परन्तु डिवाइडर के बीचों-बीच मार्ग प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) के खंभे (पोल) लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मार्ग प्रकाश की उचित व्यवस्था न होने के कारण रात्रि के समय इस पूरे मार्ग पर घना अंधेरा ही छाया रहेगा। इस नव-निर्मित ऊंचे डिवाइडर के कारण रात में वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देगा, जिससे तीव्र गति से आने वाले वाहनों के इस डिवाइडर से आए दिन यहां पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी, जो स्थानीय जनता एवं राहगीरों के जान-माल के लिए अत्यंत चिंताजनक कारण बनेगा।
यातायात सुगमता और सुरक्षा के दृष्टिकोण से डिवाइडर बनाना सराहनीय कदम है, परंतु इस निर्माण कार्य में एक अत्यंत गंभीर तकनीकी और सुरक्षात्मक चूक के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।
ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के सचिव विवेक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी, मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नये बन रहे डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट के खम्भे लगाने की मांग की है।
ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने बताया कि डिवाइडर का पूर्ण निर्माण होने के बाद, दोबारा इसे तोड़कर लाइट लगाने का ठेका किसी अन्य विभाग को दिया जाएगा तो इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग होगा बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की भी बर्बादी ही होगी। इसलिए यह आवश्यक है कि निर्माणाधीन डिवाइडर के बीच में तत्काल मार्ग प्रकाश बिंदुओं (विद्युत पोल) की सुदृढ़ व्यवस्था कराई जाए ताकि निर्माण के साथ ही स्ट्रीट लाइट भी लग सके।
इसके अतिरिक्त यह भी मांग की गई कि जब तक स्थाई लाइटें नहीं लग जातीं, तब तक रात में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर (रेडियम पट्टी) और अस्थायी चेतावनी बोर्ड अवश्य लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
