विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मैराथन दौड़ का आयोजित

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*अतर्रा (बांदा),i
*विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर तथागत ज्ञानस्थली सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आज एक भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया,* जिसमें विशेष रूप से बच्चों के अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और नियमित व्यायाम के महत्व को समझाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के मैनेजर श्री शिवशरन कुशवाहा जी, एफ. सी. मैम, डायरेक्टर महोदया किरन कुशवाहा एवं प्रधानाचार्या महोदया श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव जी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। अभिभावकों को विद्यालय द्वारा टी शर्ट उपलब्ध कराई गई और जैसे ही हरी झंडी दिखाई गई, अभिभावकों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ दौड़ प्रारंभ की। मैराथन के दौरान प्रतिभागियों में ऊर्जा, उत्साह और प्रतिस्पर्धा का विशेष माहौल देखने को मिला।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें बच्चों के माता-पिता ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने बच्चों के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि कितनी आवश्यक है। अभिभावकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।
दौड़ के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए विद्यालय प्रबंधन ने उनकी सराहना की और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के पश्चात विद्यालय की ओर से सभी अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों के लिए जलपान की उत्तम व्यवस्था की गई, जिससे सभी ने प्रसन्नता व्यक्त की।
विद्यालय प्रबंधन ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और जागरूकता का संचार भी करते हैं। भविष्य में भी विद्यालय द्वारा ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे अभिभावक एवं छात्र दोनों स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित हों।
कार्यक्रम के अंत में इस अवसर पर *लखनऊ से आईं महोदया *सविता जी* एवं *मंजुला जी* ने अभिभावकों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य एवं दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलावों के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके विचारों को अभिभावकों ने बड़े ध्यान से सुना और सराहा।

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