अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा : योगी सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बांदा की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले में अब तक 28744 बेटियां इस योजना का लाभ उठाकर अपने सुनहरे भविष्य की इबारत लिख रही हैं। जिसमें जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकार की आर्थिक मदद ने अभिभावकों की चिंता दूर कर दी है। जिससे अब बेटियां किसी पर बोझ नहीं हैं बल्कि अपने परिवार का मान बन रही हैं।
*छह चरणों में मिल रही 25000 रुपए तक की सौगात*
प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला के तहत जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दे रही है। यह राशि बेटियों को विभिन्न चरणों में प्रदान की जा रही है। जिसके क्रम में जन्म के समय 5000 रुपये की पहली किश्त। एक वर्ष का टीकाकरण पूर्ण होने पर 2000 रुपये, कक्षा 1 में दाखिले पर 3000 रुपए की सहायता। कक्षा 6 में दाखिले पर 3000 रुपये की राशि, कक्षा 9 में दाखिले पर 5000 रुपए की किश्त। उच्च शिक्षा/डिप्लोमा, 10वीं-12वीं के बाद स्नातक या डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर 7000 रुपए की अंतिम किश्त दी जाती है।
*सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता से शिक्षा की राह हुई आसान*
सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता से शिक्षा की राह आसान हुई है। वहीं योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बांदा में बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगी है और बेटियों के ड्रॉप-आउट रेट में कमी आई है। जन्म से लेकर पढ़ाई तक सरकार के साथ खड़े होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियों को भी डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनने का हौसला मिल रहा है। डिजिटल माध्यम से सीधे बैंक खातों में पैसा जाने से पारदर्शिता भी बढ़ी है। बांदा की 28 हजार से ज्यादा बेटियों की यह मुस्कान प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति’ और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ संकल्प को जमीन पर साकार कर रही है।
