*खेल मैदान की मांग ने पकड़ी रफ्तार, युवाओं ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान*

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ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

जालौन। नगर में खेल सुविधाओं के अभाव को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग अब जन आंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। खेल मैदान और स्टेडियम निर्माण की मांग को लेकर जालौन के युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य नगरवासियों का समर्थन जुटाकर शासन और प्रशासन का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना है।

अभियान से जुड़े युवाओं ने बताया कि लगभग एक हजार लोगों के हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य पूरा होने के बाद हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि जालौन में खेल मैदान निर्माण की मांग को मजबूती से उठाया जा सके।

युवाओं का कहना है कि नगर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन खेल मैदान और आवश्यक संसाधनों के अभाव में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का पूर्ण प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में रुचि रखने वाले सैकड़ों युवाओं को अभ्यास के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में खिलाड़ियों को सड़क किनारे, खाली प्लॉटों अथवा अन्य अस्थायी स्थानों पर अभ्यास करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

नगर में स्टेडियम निर्माण की मांग कोई नई नहीं है। पिछले लगभग दो वर्षों से विभिन्न सामाजिक संगठनों, खिलाड़ियों और युवाओं द्वारा लगातार यह मुद्दा उठाया जाता रहा है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल धरातल पर दिखाई नहीं दी है। हर बार केवल आश्वासन ही मिलता रहा है।

युवाओं का कहना है कि यदि समय रहते खेल मैदान की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों को भी खेल सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ेगा। हस्ताक्षर अभियान में नगर के विभिन्न वर्गों के लोग भी जुड़ने लगे हैं। अभियान से जुड़े युवाओं का मानना है कि यह केवल खिलाड़ियों की मांग नहीं, बल्कि पूरे नगर के विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।

यह हस्ताक्षर अभियान सत्यम याज्ञिक, अनूप दीक्षित, स्वयं गोस्वामी सहित अन्य युवाओं द्वारा शुरू किया गया है। अब देखना यह होगा कि हजारों लोगों के समर्थन के साथ उठ रही यह मांग शासन-प्रशासन तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंच पाती है और जालौन को उसका बहुप्रतीक्षित खेल मैदान कब तक मिल पाता है।

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