अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन (ग्रापए) बांदा इकाई द्वारा शनिवार को शहर के एक मैरिज हॉल में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम में जिले समेत मंडल और आसपास के जनपदों से पहुंचे पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है।पत्रकारों के संघर्ष और चुनौतियों को उन्होंने करीब से देखा है तथा उनके लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला रहेगा।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पत्रकारिता की अहम भूमिका है।विशिष्ट अतिथि पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने कहा कि उन्होंने देश के अधिकांश हिस्सों का भ्रमण किया है।इसके बाद वह पुनः पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय होकर पत्रकारों के हितों और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेंगे।उन्होंने कहा कि पत्रकारों की पीड़ा और चुनौतियों को उन्होंने नजदीक से महसूस किया है।वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1826 में प्रकाशित प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड से हुई थी।दो शताब्दियों की इस गौरवशाली यात्रा में पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।कार्यक्रम में बांदा के अलावा हमीरपुर, महोबा,चित्रकूट,फतेहपुर और छतरपुर जनपदों के पत्रकार शामिल हुए। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में ग्रापए के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्त,मंडल अध्यक्ष युनुस खान सहित विभिन्न तहसीलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन संपादक बेअंत सिंह एवं अतर्रा तहसील अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने किया। जिलाध्यक्ष और जिला महामंत्री शिवम सिंह ने अतिथियों एवं पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। इस समारोह में दिल्ली उपाध्यक्ष सुनील द्विवेदी,महोबा जिला अध्यक्ष देवेंद्र अरजरिया,फतेहपुर जिला अध्यक्ष कुमुद तिवारी,पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश कछवाह ,सचिन चतुर्वेदी,सुनील सक्सेना और कई प्रदेश के साथ साथ 2 दर्जन से अधिक जिलों से 5 सैकड़ा से अधिक पत्रकार मौजूद रहे।
