अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
100 दिवसीय टीवी मुक्त भारत अभियान के अन्र्तगत आज दिनांक 23.04.2026 को भागवत प्रसाद मेमोरियल स्कूल बादा में टीबी जागुरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित छात्र छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को टीबी के लक्षण जैसे 2 हफ्ते से खासी आना, मुंह से खून आना, बुखार आना, थकान होना, सीने में दर्द होना, सांस लेने में तकलीप होना, रात में पसीना आना, गर्दन में गिल्टी/गांठ, बांझपन, आदि लक्षण के बारें में बताया गया। कि उच्च जोखिम वाली जनसख्या जैसे कि 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति, एचआईवी से ग्रसित, लम्बी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को टीबी होने की सम्भावना अधिक रहती है ऐसे व्यक्तियों को सतर्क रहना है एवं समय से बलगम तथा एक्सरे की जांच कराना है। टीबी का इलाज छः माह तक दिया जाता है एवं दवायें सम्बन्धित टीबी मरीज के निवास स्थान के पास डाट्स सेन्टर में उपलब्ध करायी जाती है। इसम संदिग्ध टीबी मरीजो के बलगम की जांच नॉट मशीन द्वारा जनपद के चिकित्सा इकाई जिला क्षय रोग उन्मूलन केन्द्र बांदा, सीएचसी बबेरू, जसपुरा, अतर्रा, नरैनी, बहेरी, पीएचसी तिन्दवारी, कगारािन, विराण्डा, कालिन्जर, में निशुल्क की जाती है एव टीवी मरीज को निःक्षय पोषण योजना के अन्र्तगत रू0 1000 प्रति माह इलाज समाप्ति तक डीबीटी के माध्यम से मरीज के खाते में भेजे जाते है। टीबी का इलाज जनपद के समस्त सामुदायिक स्वा० केन्द्र / प्राथमिक स्वा० केन्द्र बांदा में निशुल्क दिया जाता है। शिविर में छात्र छात्राओं एवं शिक्षको की उपस्थिति रही।
100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्र्तगत आज दिनांक 23.04.2028 को निक्षय शिविर का आयोजन ग्राम बरगहनी, गढ़ा, गौरीकला एवं खैराडा में किया जा रहा है। जिसमें हैण्ड हेल्ड एक्सरे मशीन द्वारा उपस्थित जन समूह का एक्सरे तथा ब्लडप्रेसर, शुगर, बीएमआई एवं हीमोग्लोबिन की जांच भी की गई।
जगुरूकता शिविर मे जिला क्षय रोग उन्मूलन केन्द्र बांदा से श्री गनेश प्रसाद (डीपीपीएमसी एन.टी.ई.पी.), इन्द्र कुमार साहू एसटीएलएस एवं इण्टर कालेज से प्रधानाचार्य / शिक्षक गण आदि उपस्थित रहें।
