सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी विकासखंड में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में द्वि-दिवसीय ब्लॉक विजनिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समावेशी, सतत एवं परिणाम मुखी विकास की रूपरेखा तैयार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी (BDO) श्री प्रमोद कुमार सिंह, एडीओ (ग्राम्य विकास) श्री योगेन्द्र सिंह, मुख्य पर्यवेक्षिका (ICDS) एवं पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
कार्यशाला में विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में संकुलों की अध्यक्ष एवं सचिव, क्लस्टर स्तर की महिलाएं, ग्राम प्रधानों सहित बड़ी संख्या में समुदाय की सहभागिता रही।
इस अवसर पर ब्लॉक मिशन मैनेजमेंट यूनिट (BMMU) से श्री गणेश पांडेय, श्री अखिलेश, श्री हरि शांत एवं श्री आसिफ सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में Transform Rural India Foundation (TRIF) की टीम—सचिन्द्र कुमार यादव, अद्वितीय प्रकाश, आकाश सिंह, अंशिका सिंह, मुकेश, मनोज एवं अंकित मिश्रा का विशेष योगदान रहा।
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में श्री संजीव कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने 6 प्रमुख विषयों—मजबूत संगठन, बेहतर कृषि व्यवस्था, सुदृढ़ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पर्याप्त संसाधन एवं बुनियादी ढांचा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा हक एवं अधिकार—पर विस्तृत चर्चा की।
विचार-विमर्श के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने मिलकर आगामी 5 वर्षों के लिए ब्लॉक के समग्र विकास का साझा विजन निर्धारित किया। साथ ही इस विजन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सतत निगरानी के लिए एक समिति का गठन भी किया गया, जो समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेगी।
कार्यशाला के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि एवं आजीविका, स्वच्छता, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर समूह चर्चा कर क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं की पहचान की गई और उनके समाधान हेतु व्यावहारिक रणनीतियां तैयार की गईं।
द्वितीय दिवस पर प्राप्त सुझावों के आधार पर ब्लॉक स्तर पर एक साझा विजन फ्रेमवर्क तैयार किया गया, जिसमें आगामी वर्षों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना निर्धारित की गई।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्थानीय स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सामुदायिक भागीदारी को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। यह कार्यशाला ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
