सनत कुमार बुधौलिया बुधौलिया बुधौलिया
सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएम डैशबोर्ड, विकास कार्यों एवं राजस्व कार्यों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति का गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचना चाहिए।
फैमिली आईडी की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई विभागों द्वारा लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं की गई है। इस पर उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला श्रम अधिकारी जगदीश वर्मा, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश का वेतन आहरित न किए जाने के निर्देश दिए। समीक्षा में सामने आया कि कृषि विभाग में 20 हजार, ग्राम्य विकास विभाग में 10 हजार, समाज कल्याण विभाग में 16 हजार, प्रोबेशन विभाग में 3 हजार, श्रम विभाग में 6 हजार, बेसिक शिक्षा विभाग में 17 हजार तथा उपायुक्त स्वरोजगार कार्यालय में 9 हजार फैमिली आईडी बनवाना लंबित हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि फैमिली आईडी शासन की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है। अतः सभी अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में लक्ष्य के सापेक्ष अत्यंत धीमी प्रगति पाए जाने पर परियोजना अधिकारी नेडा को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिनों के भीतर उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए गए। दिव्यांगजन पेंशन योजना में 19,070 आवेदनों के सापेक्ष मात्र 162 स्वीकृत होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी का माह मई का वेतन आहरित न करने के निर्देश दिए। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना की खराब प्रगति पर जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी को सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं कन्या सुमंगला योजना में 341 आवेदन लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए 10 दिनों के भीतर सभी लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंडा उत्पादन एवं कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों की समीक्षा में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान प्रशिक्षण योजना, ओडीओपी टूलकिट प्रशिक्षण योजना एवं एमओयू मॉनिटरिंग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को अधिकाधिक रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। जिलाधिकारी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया की जननी सुरक्षा योजना में धीमी प्रगति होने पर साधारात्मक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में शिथिलता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा लक्ष्य पूर्ति में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
