*कब सुधरेगी लौना रोड की सड़क

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  ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

0-जलभराव और गहरे गड्ढों से राहगीर बेहाल, शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

जालौन। नगर की प्रमुख सड़कों में शामिल लौना रोड इन दिनों बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल बन चुकी है। पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क पर जलभराव, कीचड़ और गहरे गड्ढों की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि इस सड़क से गुजरना लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं रह गया है।

लौना रोड केवल नगर की एक सामान्य सड़क नहीं, बल्कि झांसी तक जाने वाले प्रमुख मार्गों में से एक है। इसी सड़क से गैस एजेंसी तक भारी वाहनों की आवाजाही होती है तथा एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन दिन-रात आवागमन करते हैं। बावजूद इसके सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया वाहन चालकों का निकलना तक दूभर हो गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाते और आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

बरसात से पहले ही सड़क की यह स्थिति प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल रही है। जगह-जगह भरे गंदे पानी और कीचड़ से न केवल राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है बल्कि आसपास के दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की बजाय केवल आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

नगरवासियों का आरोप है कि सड़क और जलनिकासी व्यवस्था वर्षों से बदहाल है। मामूली बारिश या पानी भराव होते ही पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

इस मामले में जलकल विभाग के जेई आलोक कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है और जल्द कार्य कराए जाने की उम्मीद है। हालांकि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरवाने तथा जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।

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