राजघाट व गोंडी बाबा में गरीब किसानों की फसलें रौंदकर बर्बाद करने का लगा आरोप

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सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

बांदा। किसानों को जानलेवा तरीके से ट्रैक्टर अवैध खनन माफिया स्थानीय पुलिस चौकी की मिलीभगत से निरंतर अवैध खनन कर रहे हैं। यह वही गिरोह है जिसने पूर्व में जांच करने गए अधिकारियों पर जानलेवा हमला किया था। जनपद बांदा की समाजसेविका ज्योति शुक्ला ने आज मंडलायुक्त बांदा को ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाते हुए बताया कि वर्तमान में माफिया ट्रैक्टर–ट्रॉली के माध्यम से किसानों को धमकाते हुए, फसलों को रौंदते हुए खनिज विभाग के अधिकारियों और पुलिस के संरक्षण में अवैध खनन करते हुए वसूली करते है । उल्टा किसानों को बालू खनन माफिया द्वारा फर्जी शिकायत में फंसाने की धमकी दी अवैध खनन में संलिप्त बालू माफियाओं ,पेशेवर
विनोद निषाद विष्णु निषाद
भूरा निषाद महाकाल अंशु निषाद सहित 20 से 25 लोग अज्ञात राजघाट, गोंडी बाबा नगर से खनन करते हैं रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक तथा दिनभर लगातार 20 से 25 ट्रैक्टर अवैध खनन में लगे रहते हैं। गरीब किसानों की फसलें रौंदकर बर्बाद की जा रही हैं। अवैध संचालक खुलेआम पैसों की वसूली कर खनन करा रहे हैं। पूर्व में जाँच करने गए खनिज अधिकारी पर जानलेवा हमला हो चुका है और भी कई घटनाएँ घट चुकी हैं। किसानों द्वारा कई बारयू उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। जबकि खनिज इंस्पेक्टर द्वारा दर्ज कराई गई FIR की विवेचना आज तक पूर्ण नहीं हुई इससे पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं । स्थानीय चौकी प्रभारी ने माफियाओं से मिलकर डीआईजी चित्रकूट धाम को एक फर्जी प्रार्थना पत्र दिलवाई थी ताकि उनका खेल निर्वाध चलता रहे , जिसकी शिकायत पीड़िता ने जिलाधिकारी बांदा से पहले से ही की थी। पीड़िता व अन्य किसानों की जमीन से दौड़ाकर दिन-रात अवैध खनन किया जा रहा है, जिसका मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। कई बार मीडिया में साक्ष्यों सहित समाचार प्रकाशित हुए, फिर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूर्णतः प्रभावित है तथा पुलिस–माफिया गठजोड़ के कारण संगठित अवैध खनन माफिया सक्रिय हैं, जिससे किसानों, आमजन एवं सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो चुका है। अवैध खनन, पुलिस–माफिया गठजोड़ एवं संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों एवं क्षेत्रवासियों व आम जनमानस को राहत मिल सके।

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