मंदसौर/नाहरगढ(तुलसीराम राठौर)–
कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सुशासन भवन स्थित सभागृह में प्रधानमंत्री राहत योजना (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों एवं सरकारी तथा निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही बिना विलंब प्राथमिक उपचार प्रारंभ किया जाए। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, एडिशनल एसपी श्री बघेल, निजी अस्पताल के प्रबंधक, सीएमएचओ, सिविल सर्जन मौजूद थे।
कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर जनहानि को रोकना है। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल स्टेबलाइजेशन उपचार प्रदान किया जाए। सामान्य स्थिति में अधिकतम 24 घंटे तथा गंभीर स्थिति में अधिकतम 48 घंटे तक आवश्यक उपचार दिया जाएगा।
सड़क दुर्घटना पीड़ित, राहगीर अथवा दुर्घटना स्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 नंबर डायल कर एम्बुलेंस सहायता प्राप्त कर सकता है।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि अस्पतालों से जुड़ी सभी एम्बुलेंस सेवाओं को योजना की जानकारी देकर जागरूक किया जाए। जिला अस्पताल में तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक आईटी एक्सपर्ट की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के eDAR (ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है। इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से दुर्घटना की सूचना, अस्पताल में भर्ती, पुलिस सत्यापन, उपचार तथा भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम होगी।
अस्पतालों को उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति मोटर वाहन दुर्घटना कोष के माध्यम से की जाएगी। बीमित वाहनों के मामलों में भुगतान बीमा कंपनियों के अंशदान से तथा बिना बीमा या हिट एंड रन मामलों में भुगतान भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी निजी अस्पतालों को निर्देशित किया कि वे शीघ्र ही योजना के अंतर्गत अपना पंजीयन कराएं, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
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