राघवेन्द्र शर्मा उरई (जालौन)। जालौन जिले में एक और अवैध खनन का मामला सामने आया है, जहां पत्रकारिता की आड़ में जमकर खनन किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ए. एंड. आर. इंफ्रा के प्रोपराइटर आतिफ इकबाल के नाम पर खनन का पट्टा है, जो तारीवुल्दा के मौजा कालपी में गाटा संख्या 36/1 के खंड संख्या- 1 में 2029 तक के लिए संचालित है, लेकिन बही खनन माफिया और स्थानीय तथाकथित पत्रकार की सह से जमकर खनन किया जा रहा है जहां खनन माफियाओं ने यमुना की जलधारा को छलनी कर दिया है। जलधारा को रोक कर खनन के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के नियमों को ताक पर रखकर भारीभरकम मशीनों से जलधारा के बीच अवैध खनन जारी है। माफिया वन विभाग की जमीन और किसानों के खेतों को छलनी कर ओवरलोडिंग का खेल बेखौफ खेल रहे हैं
*अधिकारियों की निष्क्रियता*
इस मामले में खनिज विभाग के अधिकारियों को जब फोन लगाने की कोशिश की तो खनिज विभाग के किसी भी अधिकारी का फोन नहीं उठा, इसके बाद जब खनिज विभाग के परिवर्तन अधिकारी कुलदीप कुमार से बात हुई तो उन्होंने कहा मैं इस मामले की जांच करके कार्यवाही सुनिश्चित करूंगा और अधिकारियों की निष्क्रियता से यह सवाल उठता है कि क्या अधिकारी ‘धृतराष्ट्र’ की भूमिका में हैं? क्या जानबूझकर इस अवैध कार्य को अनदेखा किया जा रहा है? उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को जालौन के जिम्मेदार पलीता लगा रहे है
*सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और एनजीटी के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही*
जालौन में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर भारी भरकम 8 पोकलैंड मशीनों और 2 प्रतिबंधित लिफ्टर जैसे उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। यह पूरा खेल शाम ढलते ही शुरू होता है और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर बालू का दोहन कर नदी की प्राकृतिक संरचना से खिलवाड़ किया जा रहा है ।
*अवैध खनन के कारण हुई मौतें*
अवैध खनन के कारण जालौन में कई मौतें हो चुकी हैं। बालू से लदी तेज रफ्तार ट्रक से और खनन के गड्ढों में कई मौतें हो चुकी है।
