राष्ट्रीय सेवा  योजना की इकाई का कैम्प लगाकर छात्रों ने वस्ती मे किया संपर्क

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांद।    राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालययोजना बाँदा के प्राचार्य प्रो. दीपाली गुप्ता के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा  की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ सबीहा रहमानी,डॉ नीतू सिंह,डॉ.जयंती सिंह के नेतृत्व में सात दिवसीय शिविर ( 20-26 फरवरी 2026) जो नगर की पिछड़ी व दलित बस्ती बारी मोहाल, दरी मोहाल और अहीर मोहल्ले मेंं लगाया गया है, इस शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवी शिवरार्थी छात्रों ने बस्ती में जाकर सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाया । जिसका विषय है,”व्यक्तित्व विकास,मादक द्रव्यों के सेवन से हानि,जल संरक्षण / पर्यावरण संरक्षण”
द्वितीय सत्र में शिविर के विश्राम स्थल पर उपर्युक्त विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया । मुख्य वक्ता के रुप में डॉ राम नरेश पाल ने बताया कि व्यक्तित्व का विकास व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न केवल आत्मविश्वास, सोचने की क्षमता और सामाजिक कौशल को बढ़ाता है, बल्कि जीवन में सफलता, मानसिक संतुलन और सामाजिक सम्मान भी सुनिश्चित करता है। एक विकसित व्यक्तित्व वह है जिसमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक गुण संतुलित रूप से विकसित हों। नियमित अभ्यास, सीखने की इच्छा और सकारात्मक सोच के माध्यम से व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को सुधार सकता है और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकता है।
दूसरे मुख्य वक्ता डॉ जय कुमार चौरसिया ने बताया कि जल संरक्षण मानव जीवन, पर्यावरण संतुलन और सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जल एक सीमित और अनमोल प्राकृतिक संसाधन है, जिसका विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आज हमने जल के महत्व को नहीं समझा और इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जल की प्रत्येक बूंद को सहेजना, वर्षा जल संचयन को अपनाना और जल अपव्यय को रोकना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ‘जल है तो कल है’।
विशिष्ट वक्ता डॉ संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि, मादक द्रव्यों का सेवन मानव स्वास्थ्य, समाज और पर्यावरण तीनों के लिए अत्यंत हानिकारक है। यह व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से कमजोर बनाता है तथा पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ाता है। इसलिए आवश्यक है कि हम नशे से दूर रहें और पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य समझें। जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयासों से ही एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण का निर्माण संभव है। शिवरार्थी स्वयंसेवी छात्राओं के सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि, लगभग 40 % व्यक्ति मादक द्रव्यों का उपयोग करते हैं।
इस अवसर पर आज की टोली नायक शैलजा,आफरीन खातून,कल्पना, प्रतीक्षा, रिमझिम, निशा, रजनी, नेहा कुशवाहा, मनीषा, साफिया खातून, आंचल,शशि देवी, करिश्मा प्रजापति, आरती, खुशबू, प्रिया देवी, अंजली देवी, चांदनी, अंजली, कोमल कबीर, सिलोचन, अदिति मिश्रा, अदीना , प्रियांशी, आदि उपस्थित रही।

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