शिव शर्मा अभिवादन एक्सप्रेस
जगदलपुर– छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के समीप स्थित विश्व प्रसिद्ध कोटमसर गुफा में वर्षों से चली आ रही बुनियादी सुविधाओं की कमी अब दूर होने लगी है। पर्यटकों की लगातार परेशानी को देखते हुए गुफा परिसर में बना शौचालय और पानी की सुविधा, जो पिछले लगभग पांच वर्षों से बंद और अनुपयोगी थी, उसे जनवरी 2026 में पुन बहाल कर दिया गया। लगभग 200 मीटर लंबी चूना पत्थर से बनी कोटमसर गुफा 1950 के दशक में खोजी गई एक रहस्यमयी और प्राचीन प्राकृतिक धरोहर है। गुफा के भीतर मौजूद अद्भुत स्टैलेक्टाइट-स्टैलेग्माइट, पूर्ण अंधकार में रहने वाली अंधी मछलियां और दुर्लभ कीट इसे जीवविज्ञान और भूविज्ञान के शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं।गुफा परिसर में बना शौचालय पानी की गंभीर समस्या के चलते लंबे समय से बंद पड़ा था। पानी की अनुपलब्धता के कारण स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी, जिससे विशेषकर महिला पर्यटकों, बुजुर्गों और बच्चों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती थी। डिप्टी रेंजर संतोष काछी ने पर्यटकों की कठिनाइयों को गंभीरता से लेते हुए जनवरी 2026 में पानी की व्यवस्था दुरुस्त कर शौचालय को फिर से चालू कराया।
