शजर पत्थर के उद्योग व व्यवसाय से लगातार जुड़ रहे लोग शिल्पकारों को प्रोत्साहन मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में हो रहा सुधार

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा।   । विश्व प्रसिद्ध शजर पत्थर को योगी सरकार द्वारा एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल करने के बाद इसे नयी पहचान मिली है। शजर पत्थर के व्यवसाय से लगातार शिल्पकार जुड़ रहे हैं। वही सरकार द्वारा शिल्पकारों को लगातार दिए जा रहे प्रोत्साहन से उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है। जिला उद्योग विभाग के द्वारा इस कला से जुड़ने वालों को जागरूक किया जा रहा है। इन्हें प्रशिक्षित करने का भी काम किया जा रहा है। जहां पिछले साल 200 शिल्पकार इस कला से जुड़े, वहीं इस साल 250 शिल्पकार शजर पत्थर के व्यवसाय से जुड़ने जा रहे हैं। आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज में 10 दिनों तक इन्हें प्रशिक्षण दिया गया, इसका बुधवार को इसका समापन हुआ। अब विभाग के द्वारा इन्हें शजर पत्थर के व्यवसाय में उपयोगी टूल्स भी दिए जाएंगे। अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत पांच लाख से 25 लाख रुपये तक लोन भी दिए जायेंगे।

विलुप्त होने की कगार पर था शजर पत्थर का उद्योग व व्यवसाय

ओडीओपी में शामिल होने से पहले शजर पत्थर से संबंधित उद्योग व व्यवसाय बांदा में विलुप्त होने की कगार पर पहुँच गया था। इस हस्तकला के इक्के-दुक्के ही शिल्पकार बांदा में बचे थे। वहीं सरकार द्वारा जब शजर पत्थर को ओडीओपी में शामिल किया गया तो फिर विलुप्त हो रही यह हस्तकला पुनः जीवित हुई। बांदा में शजर पत्थर के कई कारखाने शुरू हुए। जहां पिछले साल 200 शिल्पकार इससे जुड़े और उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना (MYSY) से 25 लाख रुपये तक का लोन लिया। वहीं CM युवा उद्यमी योजना से जुड़कर 5 लाख रुपये का लोन लेकर अपने उद्योग शुरू किये। वहीं इस साल 250 लोग इससे जुड़ने जा रहे हैं। जिनको जिला उद्योग विभाग द्वारा इस कला में प्रशिक्षित किया गया है और अब ये लोग भी शजर पत्थर के व्यवसाय के विस्तार का काम करेंगे।

10 दिनों तक दिया गया लोगों को प्रशिक्षण

जिला उद्योग विभाग के जिला प्रबंधक राजेश गुप्ता ने बताया कि शजर पत्थर के व्यवसाय से लगातार लोग जुड़ रहे हैं। विभाग के द्वारा जहां इन्हें सम्बंधित उपकरण दिए जाएंगे। CM युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का लोन दिलाया जाता है। जिसमें लाभार्थी को 10% की सरकार से सब्सिडी मिलती है। वहीं MYSY के जरिए लाभार्थियों को 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन दिलाया जाता है। लाभार्थी शजर पत्थर का उद्योग शुरू कर सकते हैं और अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं।

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