मंदसौर /नाहरगढ(तुलसीराम राठौर)– दिनांक 14 मार्च 26/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रसारित निर्देशानुसार व माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श अनीष कुमार मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 14 मार्च, 2026, शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मंदसौर एवं तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में किया गया।
जिला न्यायालय परिसर स्थित ए.डी.आर. सेंटर भवन के सभागृह में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश अनीष कुमार मिश्रा द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर अनीष कुमार मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, मंदसौर श्रीमती प्रिया शर्मा, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) मनोज कुमार तिवारी, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रघुवीर सिंह पंवार ने सम्बोधित कर अपने विचार व्यक्त किये। शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर के सचिव सुधीर सिंह निगवाल द्वारा तथा आभार व्यवहार न्यायाधीश राज कुमार त्रिपाठी द्वारा व्यक्त किया गया।
उक्त कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ तिवारी, आसिफ अब्दुल्लाह, श्रीमती शिल्पा तिवारी, विवेक बुखारिया, मुनेन्द्र सिंह वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतुल बिल्लोरे, न्यायाधीशगण श्रीमती रोहिणी तिवारी, राजकुमार त्रिपाठी, श्रीमती प्राची पाण्डेय माटा, श्रीमती रूचि पटेरिया अरोरा, चिराग अरोरा, सुश्री श्वेता सिंह, सुश्री पूर्वी गुप्ता, काशिष माटा, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण, न्यायिक कर्मचारीगण, विभिन्न बैंक, बीमा कम्पनियां, विद्युत विभाग एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, खण्डपीठ सदस्यगण, लीगल एड डिफेंस काउंसल, पेनल अधिवक्ता, पैरालीगल वालेन्टियर्स इत्यादि उपस्थित रहे।
दिनांक 14 मार्च, 2026 की नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिले में कुल 24 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया। उक्त लोक अदालत में न्यायालयों द्वारा रेफर किये गए 943 प्रकरणों में से कुल 805 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 5,59,04,079/-के अवार्ड पारित किये गये। इसी प्रकार कुल 10842 प्रीलिटिगेशन के प्रकरणों में से 1484 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 74,63,362/- राशि की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 21 प्रकरण निराकृत किए गए, जिसमें कुल राशि 1,08,20,000/- के अवार्ड पारित किये गये। इस लोक अदालत में चैक बाउंस के 271 प्रकरण निराकृत किए गए जिसमें कुल राशि रू. 3,74,57,526/- के अवार्ड पारित किये गये
लोक अदालत में पति पत्नि का हुआ मिलन, मासुम के चेहरे पर आई मुस्कुराहट
रेहाना (परिवर्तित नाम) का विवाह जुनेद (परिवर्तिन नाम) निवासी कुम्हारखेड़ा, ताल से हुआ, जिसको एक संतान हुई। संतान होने के कुछ समय बाद से पारिवारिक विवाद होने पर रेहाना के द्वारा घरेलु हिंसा से संबंधित एक परिवाद प्रस्तुत की गई, नेशनल लोक अदालत में दोनो पक्षों की पहली पेशी हुई, समझाईश दिये जाने पर पहली ही पेशी पर लोक अदालत के आयोजन में समझौता करने को राजी हुये और आपस में पुराने गिले सिकवे दूर किये। श्रीमान प्रधान जिला एवं न्यायाधीश अनीष कुमार मिश्रा व विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर सुधीर सिंह निगवाल, तथा व्यवहार न्यायाधीश व पीठासीन अधिकारी डॉ रूचि पटेरिया मेडम की उपस्थिति में दोनो पति पत्नि नें एक दूसरे का माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर ,एक साथ रहने का वचन दिया। माता पिता के मिलन को देखकर मासूम बच्चे के चहरे पर मधुर मुस्कुराहट आ गई। अधिवक्ता सैलानी अब्दुल रशीद मंसूरी व सैलानी अब्दुल कादर मंसूरी के प्रयास सराहनीय रहें।
