मनुष्य के सच्चे मार्गदर्शक हैं तथागत बुद्ध के विचार- भदंत शीलानन्द भूप

Blog

 

राघवेन्द्र शर्मा उरई, जालौन। मैत्री बुद्ध विहार बघौरा,उरई में आयोजित बुद्ध धम्मदेशना कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस शुक्रवार को तथागत बुद्ध के विचार, पंचशील एवं धम्म उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में कथावाचक अरविन्द बौद्ध ने लोकसंगीत के माध्यम से तथागत बुद्ध के धम्ममार्ग का भावपूर्ण वाचन कर उपस्थित बुद्ध अनुयायियों को संबोधित किया। प्रांगण में उपस्थित बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों ने रोचक प्रसंगों का आनंद लिया। इस अवसर पर भदंत शीलानन्द भूप ने तथागत बुद्ध के पंचशील का उल्लेख करते हुए सत्य, अहिंसा और प्रेम के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्व शांति, सद्भाव और समृद्धि के लिए तथागत बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक एवं मार्गदर्शक हैं।
भदंत ज्ञान ज्योति ने अपने संबोधन में कहा कि बुद्ध का मध्यम मार्ग मानव जीवन को सभी प्रकार के दुखों से दूर करता है, क्योंकि इच्छाएं ही मनुष्य के दुखों का मूल कारण बनती हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट उपस्थिति भदंत कश्यप (झांसी) की रही। धम्मदेशना कार्यक्रम के दौरान झांसी के साध्य बुद्ध विहार पिठौरिया के नितिन कुमार, माता प्रसाद आजाद द्वारा भिक्खुगणों को धम्मदान प्रदान किया गया। साथ ही गौतम अहिरवार, रामसेवक प्रधान रहिया एवं कांशीराम फौजी द्वारा भिक्खुगणों को कंबल दान कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामबिहारी बौद्धाचार्य, रामाकांत दोहरे,अजय गौतम महाराज,रामसिंह चौधरी मोतीलाल, अशोक कुमार, महेंद्र गौतम, आर.एन. वर्मा, रामप्रकाश भास्कर, कुलदीप सिंह,वर्षा भास्कर,ज्योति भास्कर, अर्चना गौतम, विटोली जाटव, रामकली, कुंती भास्कर, पुष्पा, सुनीता, पिंकी, मुन्नी देवी, सुशीला सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *