कदौरा नहर में मिली दवाइयों के मामले की जांच तेज, अधिकारी मौके पर पहुंचे*

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संवाददाता पवन शर्मा

कदौरा जालौन
कदौरा के समीप सकदौरा नहर में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयां मिलने के प्रकरण को स्वास्थ्य विभाग ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. भिटौरिया एवं उपजिलाधिकारी कालपी मनोज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पहुंचकर अभिलेखों की गहन पड़ताल की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने जिले से जारी की गई दवाइयों के बैच नंबरों का नहर से बरामद दवाइयों से मिलान कराया। इस मिलान में कई अहम और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व कदौरा माइनर में लाखों रुपये मूल्य की सरकारी दवाइयां पानी में बहती हुई मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां लिखी जाती हैं, जिससे गरीब और मजबूर मरीज अपनी आवश्यकताओं में कटौती कर इलाज कराने को विवश होते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी दवाइयों को इस तरह नहर में फेंक दिया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि नहर में मिली दवाइयां अस्पताल की ही थीं। अभिलेखों के अनुसार ये दवाइयां लगभग एक से डेढ़ वर्ष पूर्व विभिन्न उपकेंद्रों के लिए आवंटित की गई थीं। बैच नंबरों के मिलान से पुष्टि हुई कि दवाइयां विधिवत रूप से जिले से जारी की गई थीं, लेकिन उनका इस तरह नहर में पाया जाना गंभीर लापरवाही अथवा संभावित अनियमितता की ओर इशारा करता है।
अधिकारियों ने बताया कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि उक्त दवाइयां किन-किन उपकेंद्रों को जारी की गई थीं। इसके लिए स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी तथा उपयोग से संबंधित सभी रिकॉर्ड की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। प्रत्येक उपकेंद्र से जवाब तलब किया जाएगा और दवाइयों के उपयोग व निस्तारण का पूरा विवरण मांगा जाएगा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. भिटौरिया ने बताया कि नहर में मिली दवाइयां एक से डेढ़ वर्ष पूर्व सीएचसी को जारी की गई थीं। ये दवाइयां गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए उपयोग में लाई जानी थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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