राघवेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई (जालौन)। ‘‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’’ के अन्तर्गत ‘‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’’ अभियान चलाया गया। उक्त अभियान के तहत शहर के विभिन्न पेट्रोल पम्पों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल भराने आये वाहन चालकों की जाँच की गयी तथा जो भी वाहन चालक बिना हेलमेट के पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल भरवाने आये उनके वाहनों के चालन किये गये एवं उनको कठोर चेतावनी देते हुए सरकार व परिवहन विभाग तथा उनके परिवार की ओर से आग्रह किया गया कि वाहन का संचालन करते समय सड़क सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करें व बिना हेलमेट के वाहन का बिल्कुल संचालन न करें। साथ ही जो भी वाहन चालक हेलमेट लगाकर पेट्रोल भरवाने आये उनको माला पहनाकर व फूल देकर सम्मानित करते हुए उनसे आमनजनमानस से अपने स्तर से भी सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित किये जाने की अपील की गयी।
साथ ही राजेश कुमार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रथम दल, जनपद-जालौन द्वारा अभियान के दौरान वाहन चालकों व राहगीरों के साथ राहवीर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गयी तथा उनको अवगत कराया गया कि ‘‘यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति (मोटर वाहन से संबंधित) को गोल्डन ओवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेन्टर तक पहुँचाकर तत्काल सहायता प्रदान करता है, और बाद में पीडित की चिकित्सा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो भी वह व्यक्ति ‘‘राह-वीर’’ योजना के अन्तर्गत मान्यता के लिए पात्र होगा-बशर्ते अस्पताल/ट्रॉमा सेन्टर यह पुष्टि करे कर दे कि मृत्यु का कारण सड़क दुर्घटना थी। ऐसे मामलों में प्रदान की गई सहायता सराहनीय है और पुरस्कार के योग्य है’’ तथा ऐसे व्यक्ति को ‘‘राह-वीर’’योजना के अन्तर्गत शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि रु० 25000/- पुरस्कार के रुप में प्रदान की जाएगी।
