स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर योगी सरकार दे रही है जोर

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अमित सक्सेना की रिपोर्ट

*पिछले साल जिले की कई चिकित्सा इकाइयों को मिल चुका है कायाकल्प अवार्ड*

*जिले की 2 सीएचसी में ऑपरेशन से डिलीवरी की भी सुविधा हुई उपलब्ध*

बांदा:।     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुंदेलखंड की स्वास्थ्य इकाइयों की सुविधाओं को बेहतर करने और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने पर निरंतर जोर दे रही है। इसी क्रम में बांदा की 350 चिकित्सा इकाइयों का इस वर्ष कायाकल्प होना है। वहीं पिछले साल जिले की कई चिकित्सा इकाइयों को कायाकल्प अवार्ड भी मिल चुका है। और सरकार के प्रयासों के चलते लगातार जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहतर हो रही है।

*कई स्वास्थ्य इकाइयों को मिला कायाकल्प अवार्ड*

जिले में 350 स्वास्थ्य इकाइयां हैं। जिसमें 286 उप स्वास्थ्य केंद्र, 47 पीएचसी, 7 यूपीएचसी व 8 सीएचसी समेत जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल शामिल है। जहां पिछले साल 2025 में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, बिसंडा पीएचसी, बबेरू सीएचसी, नरैनी सीएचसी, जसपुरा सीएचसी व अतर्रा सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड मिल चुका है। जिसमे सीएचसी जसपुरा व अतर्रा में तो अब ऑपरेशन से डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध हो गई है। वही जिले की स्वास्थ्य इकाइयों को बेहतर बनाने के क्रम में कई स्वास्थ्य इकाइयों पर लोगों के द्वारा किए गए अवैध कब्जो को भी डीएम ने हटवाया है और वहां की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।

*16 इकाइयों का हुआ कायाकल्प , 46 के ऑनलाइन कागजात हुए अपलोड*

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विजेंद्र कुमार ने बताया कि हमारे जिले मैं 350 स्वास्थ्य इकाइयां है जिसमे 16 स्वास्थ्य इलाकियों का कार्यकाल हो चुका है। वही 46 स्वास्थ्य इकाइयों के कागज ऑनलाइन अपडेट किए जा चुके हैं। और जल्द ही यहां पर भी कायाकल्प का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन्होंने बताया कि सबसे पहले हम आयुष्मान आरोग्य मंदिर का कायाकल्प करवाएंगे जहां पर CHO की तैनाती है। और डीएम ने सीडीओ व डीपीआरओ को ऐसे चिन्हित 57 स्वास्थ्य इकाइयों की लिस्ट दी है। जहां की बाउंड्री, सड़क, बिजली व पानी की व्यवस्था इनके द्वारा दुरुस्त कराई जाएगी। वहीं बाकी व्यवस्थाओं को हम दुरुस्त कराएंगे जिससे कि पीएचसी स्तर की वहां पर सुविधा मिल सके।

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