फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी का आरोप* *सहायक शिक्षक विकास लाटा निलंबित

Blog

     शिव शर्मा की रिपोर्ट

 

राजनादगांव  ।        जिले में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे शासकीय नौकरी प्राप्त करने का गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ, जिला राजनांदगांव ने कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर सहायक शिक्षक विकास लाटा पर कथित रूप से फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति लेने का आरोप लगाया है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
संघ के अनुसार विकास लाटा की नियुक्ति दिव्यांग कोटे के अंतर्गत की गई, जबकि शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वह दिव्यांग की श्रेणी में नहीं आता। आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार शिकायतें की गईं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि विकास लाटा द्वारा प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाण पत्र की वैधता संदेहास्पद है। संघ का कहना है कि जिला चिकित्सा बोर्ड की रिपोर्ट, दिव्यांगता प्रतिशत निर्धारण तथा प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं प्रतीत होती हैं। इसके बावजूद न तो नियुक्ति को निरस्त किया गया और न ही विभागीय जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाया गया।
छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने आरोप लगाया है कि पूरे प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गई तथा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। संघ ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, विकास लाटा का पुनः मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियुक्ति निरस्त कर संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाए।
संघ का यह भी कहना है कि फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी प्राप्त करना वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। शिकायत होने पर विकास लता को जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा जांच करने के लिए पत्र भी जारी किया था यह था लेकिन विकास लाटा द्वारा जांच नहीं कराया गया जिसको जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संज्ञान लेते हुए विकास लाटा सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *