सुनील सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा:। कई दशकों से जिस नहर में दीर्घ सेतु बनाए जाने की ग्रामीण मांग कर रहे थे। उस मांग की योगी सरकार ने सुध ली। और यह दीर्घ सेतू क्षेत्र के लोगों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा और इससे लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। बांदा के पैलानी तहसील क्षेत्र के तुर्री नाला पर दीर्घ सेतु बनाए जाने की प्रक्रिया नवंबर के महीने में शुरू हो गई है। और 1584.97 लाख रुपए की लागत से यह सेतु बनाया जा रहा है।
दरअसल तुरी नाल में बनाए जाने वाले 120.68 मीटर लंबे दीर्घ सेतु की मांग लंबे समय से चल रही थी। और यह एक प्रतीक्षित परियोजना है जो इस क्षेत्र के लोगों के आने जाने और कनेक्टिविटी में सुधार करेगी। इसके बनने से सिंधनकला, सिन्धनखुर्द, गुरगवां, तगड़ा डेरा, पडवन डेरा, अदरी हरबंश पुरवा, लसड़ा, बैसन डेरा, बसधरी, पचकौरी समेत आधा दर्जन से अधिक गांव के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
तुर्री नाला स्थल पर बारिश के समय लोगों का नावों के द्वारा ही आवागमन रहता है। और केन नदी गांव के निकट होने से हर वर्ष गांव का संपर्क कट जाता है। और वर्षा के बाद मिट्टी भरकर ही आवागमन हो पता है। वही इस दौरान जहां स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और उनकी पढ़ाई बाधित होती है। तो वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ता है और इस इलाके तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। और यहां के लोग सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते।
जिला अर्थ एवं सांख्यिकीय अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि प्रस्तावित सेतु का निर्माण हो जाने से सिंधनकला व आसपास के दर्जनों गांव के अति पिछड़े ग्रामीण लाभान्वित होंगे और क्षेत्रीय जनता को आने-जाने में सुविधा हो जाएगी। और सेतु के निर्माण से सभी गांव का सीधे जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय से संपर्क हो जाएगा। और लगभग 20 किलोमीटर की दूरी भी काम हो जाएगी। और इस सेतु के निर्माण की पूर्ण करने की लक्षित तिथि जून 2027 है।
