रिपोर्ट :-राघवेन्द्र शर्मा
उरई (जालौन)। जिला कारागार में निरुष एक सिद्ध दोष बन्दी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे उपचार के बाद मेडिकल कालेज भेजा गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
शहर कोतवाली के मोहल्ला उमरार खेड़ा निवासी मेवा पुत्र मेवा लाल चौधरी 58 वर्ष तीस अगस्त 2024 से जिला कारागार में जहर खुरानी के एक मामले में दोष सिद्ध होने के बाद सजा काट रहा था। बताया गया कि रविवार को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई, हालत गंभीर होने पर जेल प्रशासन नें और कारागार चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जहां पर उसकी हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उपचार के बाद मेडिकल कालेज रिफर कर दिया। जहां पर भी उसकी हालत में कोई सुधार नही हुआ और रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी जेल प्रशासन द्वारा उच्च अधिकारियों को दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पिता को 15 साल पुराने जहर खुरानी के एक मामले में झूटा फंसाया गया था। पुत्र के अनुसार इस मामले में कुल 6 आरोपी थे जिनमें से 5 को न्यायालय से बरी कर दिया गया था। जबकि उनके पिता को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल घटना के बाद से मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी दो पुत्रों व एक पुत्री का रो रोकर बुरा हाल है।
