सुनील सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। – योगी सरकार की महत्वाकांक्षी राहवीर योजना सड़क हादसों में घायल लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने में अब पुलिस व एंबुलेंस के साथ आम नागरिक भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। और सरकार की यह योजना मानवता व संवेदनशीलता को बढ़ावा दे रही है। वहीं सड़क हादसों में लोगों की जान बचाने वाले राहवीरों को प्रशस्ति पत्र व 25 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि भी सरकार दे रही है।
*आपात स्थिति ने लोग न घबराए इसको लेकर दिया जा रहा है विशेष प्रशिक्षण*
इस योजना के अंतर्गत व्यापारी, शिक्षक, छात्र, वाहन चालक, पुलिसकर्मी, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग व NGO आदि को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि वह इस लायक बन सके की आपात स्थिति में बिना घबराए लोगों की मदद कर सकें। इसमें उन्हें मरीज को सही ढंग से उठाने और एंबुलेंस को सूचित करने व प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी जानकारी दी जाती है। और इस योजना में खास बात यह है कि घायल की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानूनी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। जैसे उसे न तो थाने जाना पड़ेगा और न ही उसे अदालत में गवाही देने के लिए बाध्य किया जाएगा। और ऐसे राहवीरों को सरकार की तरफ से किसी राहगीर की जान बचाने के एवज में प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
*घायल की जान बचाने पर राहत पा सकेंगे वाहन स्वामी*
इस योजना के संबंध में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि योजना के अंतर्गत सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर किसी वाहन चालक की गाड़ी से कोई व्यक्ति सड़क हादसे का शिकार होता है। और वह वाहन स्वामी उस घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचकर उसकी जान बचाता है। तो विस्तृत जांच व सहमति के बाद ही उस पर मामला दर्ज किया जाएगा। और आगे पूरे मामले में उसे प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाएगी। वहीं इन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 30 नवंबर तक जिले में सड़क हादसों के 567 मामले दर्ज हुए हैं। जिसमें 507 घायल है तो वही 274 लोगों की सड़क हादसों में जान गई है। वहीं यातायात के नियमों का सभी लोग पालन करें इसको लेकर जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिससे कि सड़क दुर्घटना में कमी आये।
