राघवेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई (जालौन)। बीसीएच मिशन स्कूल, उरई के सभागार में 25 दिसंबर को प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन सादगी और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्कूल की प्रबंधिका किरन के. मसीह ने कहा कि ईसा मसीह का मूल संदेश प्रेम, करुणा और सहनशीलता का संदेश था। उन्होंने कहा कि ईसा ने अपने जीवन से सिखाया कि परमात्मा से प्रेम के साथ-साथ मनुष्य को मानवता के प्रति समर्पित रहना चाहिए। प्रभु ईसा ने पापियों के लिए बलिदान देकर क्षमा, दया और भाईचारे का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई हमें कष्ट देता है तो हमें बदले में प्रेम और क्षमा का भाव रखना चाहिए। ईसा मसीह ने सदैव दीन-दुखियों की सेवा की और मानवता को आपसी प्रेम से रहने का संदेश दिया। उन्होंने देशवासियों के लिए शांति, सद्भाव और भाईचारे की प्रार्थना भी की। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष आई.टी. मसीह ने कहा कि आज के समय में ईसा मसीह के सिद्धांत समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों की बुराई से दूर रहकर प्रेम और त्याग के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने स्कूल स्टाफ और उपस्थित लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में मेविल मसीह, अरुण द्विवेदी, नासिरउद्दीन एडवोकेट, नफीस आलम, मैराज सिद्दीकी एडवोकेट, राशिद आलम, श्रीमती सिरिन, रोजलाइन, शालिनी जेकब, बीनूमल, शोभा, बेवी, रश्मि, लाल सिंह, रितेश, सुनीता, विनीता जोसफ, रीता जोसफ, सुनील यादव, धीरज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
