प्रतिबंधित औषधीय पेड़ों की अवैध कटान जोरों पर

Blog

 

राघवेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट

उरई (जालौन )। जालौन नगर में वन कानूनों को ठेंगा दिखाते हुए प्रतिबंधित और औषधीय पेड़ों की अवैध कटान व चिराई का मामला लगातार सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि बीते तीन दिनों से आम, पीपल जैसे प्रतिबंधित वृक्षों के साथ-साथ औषधीय महत्व के नीम के पेड़ों की लकड़ी को नगर में संचालित आरा मशीनों पर बेखौफ चिरा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा कारोबार बिना किसी रोक-टोक के खुलेआम जारी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर में स्थित कई आरा मशीनों पर नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित लकड़ी की चिराई की जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही। इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है और पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। जब इस संबंध में वन रेंज अधिकारी हरिकिशोर शुक्ला से बात की गई और उन्हें प्रतिबंधित आम, पीपल व नीम की लकड़ी की अवैध चिराई की जानकारी दी गई, तो उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि “उसका केस कट चुका है।” उनके इस बयान से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, जब इस मामले को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि जैसे ही इस तरह के किसी प्रकरण की जानकारी मिलती है, वे तत्काल कार्रवाई कराते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जालौन में संचालित आरा मशीनों पर हो रही चिराई की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *