सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। आज माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती पर माल्यार्पण करके दीप प्रज्ज्वलित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत् उद्घाटन किया गया। जनपद की सभी तहसीलों मे स्थित दीवानी न्यायालयों में भी उक्त आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एंव समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहें।
राष्ट्रीय लोकअदालत में निस्तारित वादों की जानकारी देते हुए सचिव/अपर जिला जज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पॅवार द्वारा बताया गया कि आज माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय जिला जज द्वारा 18 मुकदमों का निस्तारण किया गया एवं मु० 6919013/- रू० धनराशि पक्षकारों को दिलायी गयी। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि आज लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 31 मुकदमों का निस्तारण करते हुये भरण पोषण के मामलें निस्तारित किये। इनके द्वारा 05 वैवाहिक मामले प्रीलिटिगेशन स्तर के भी निपटाये गये। अपर कुटुम्ब न्यायाधीश श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय द्वारा 55 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इनके द्वारा 03 वैवाहिक मामले प्रीलिटिगेशन स्तर के भी निपटाये गये। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ द्वारा 70 मामलों में विपक्षी बीमा कम्पनियों से पीड़ित याचीगण को 39,30000/-रू धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलायी गयी। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार द्वारा 03 मुकदमो का निस्तारण करते हुये 216757/- रू० याचीगण को दिलवाये गये। इसी क्रम में स्थायी लोक अदालत (पी०यू०एस०) के अध्यक्ष श्री राजवर्धन गुप्ता द्वारा भी 03 मुकदमा में पक्षकारों के मध्य सुलह कराते हुये उन्हें विवाद से राहत प्रदान की गयी।
अपर जिला जज-प्रथम श्री सतीष चन्द्र द्विवेदी द्वारा 04, विशेष न्यायाधीश (एस०सी०/एस०टी० एक्ट) श्री सुरेश कुमार गुप्ता द्वारा 03, विशेष न्यायाधीश (ई०सी० एक्ट) श्री भारतेन्द्र सिंह द्वारा विशेष प्रयास करते हुये विद्युत अधिनियम के 536 मुकदमों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायाधीश (द०प्र०क्षे०) डाॅ० अवनीश कुमार द्वारा 03 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे द्वारा कुल 2901 आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज सी०डि० श्री अर्पित सिंह द्वारा सिविल के 11 व फौजदारी के 45 एवं अपर सिविल जज सी०डि० श्रीमती शम्भवी प्रथम द्वारा दीवानी प्रकृति के 06 व फौजदारी के 67 वादो में पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया गया।
वाह्य न्यायालय कोंच के न्यायिक अधिकारी मो० फरहान द्वारा 34 दीवानी प्रकृति एवं फौजदारी प्रकृति के 284 और कालपी दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी श्री अभिषेक चौधरी द्वारा फौजदारी के 503, जालौन दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी श्री जावेद खां द्वारा दीवानी के 09 वाद फौजदारी के 642 एवं अपर सिविल जज जू०डि० कालपी श्री सुधांशु सिंह के द्वारा फौजदारी के 64, न्यायिक मजिस्ट्रेट उरई श्री प्रत्यूष प्रकाश द्वारा फौजदारी के 230, अपर सिविल जज (जू०डि०) द्वितीय उरई श्रीमती शिंजिनी यादव द्वारा दीवानी वाद 01 एवं 48 फौजदारी वाद, न्यायालय अपर सिविल जज (जू०डि०) प्रथम श्रीमती अंकिता सिंह पंचम द्वारा 51 फौजदारी के मामलें, सिविल जज (जू०डि०)/एफ०टी०सी०/ सी०ए०डब्ल्यू० श्री अनिरूद्ध सिंह द्वारा 52 फौजदारी वाद, न्यायालय सिविल जज (जू०डि०)/एफ०टी०सी०/14 वित्त आयोग सुश्री शैलजा द्वारा दीवानी वाद 01 एवं फौजदारी वाद 51, ग्राम न्यायालय माधौगढ़ के न्यायाधिकारी श्री विनय कुमार चाहर द्वारा 02 दीवानी एवं 62 फौजदारी एवं विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्री सैयद अली मेहदी आबिदी द्वारा कुल 60 मामलों का निस्तारण करते हुये विभिन्न न्यायालयों द्वारा 256490/-रू० कोष में जमा कराये। आज राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले की विभिन्न बैंकों के बकाया ऋण के 691 मामलों में समझौता कराया गया।
इनके अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट सहित सभी उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदार न्यायालयों द्वारा राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 2887 मामलों सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकृति के 225429 मामले निस्तारित किये गये। इस प्रकार न्यायालयों एवं जिला प्रशासन में 234166 मामलों को आज निस्तारित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
