शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव। डोंगरगांव शासकीय हाई स्कूल एवं माध्यमिक शाला जारवाही के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बाल मेला शाला प्रांगण जारवाही में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला भाजपा उपाध्यक्ष व जिला पंचायत सभापति जागृति चुन्नी यदु ने मां सरस्वती के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया।
मुख्य अतिथि जागृति चुन्नी यदु ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार विभिन्न व्यंजनों का क्रय कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि—
“बच्चे देश का भविष्य हैं। इस प्रकार के आयोजन उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को नई दिशा प्रदान करते हैं। जिला पंचायत बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर तत्पर है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष तुमड़ीबोड़ जागेश्वर यादव ने की। उन्होंने कहा कि बाल मेला बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक कौशल और सीखने की प्रक्रिया को मजबूत बनाता है।
सरपंच सुनीता पटेल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सदैव शिक्षा को प्राथमिकता देती रही है तथा इस प्रकार के आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम योगदान देते हैं।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में
बुधराम साहू (अध्यक्ष शाला विकास समिति),
रामदास पटेल (ग्राम प्रमुख),
रामजी चंद्रवंशी (उपसरपंच),
उलय कंवर (पूर्व उपसरपंच),
लोनूराम कंवर, हेमराज कंवर, जितेंद्र कंवर, उमीन पटेल, ओम बाई, ननकी कंवर, लताबाई, हेमबाई भारती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
शाला परिवार से विजय मेश्राम, प्राचार्य चंद्रवंशी सर, डहरे सर, दामले सर, सुचिता साहू, मंडावी मैडम, मधुबाला बघेल मैडम, देवांगन सर, सोनवानी सर और अनेक पालकगण भी उपस्थित रहे।
बाल मेले में आकर्षक गतिविधियाँ बनी आकर्षण का केंद्र
बाल मेले में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल, कला प्रदर्शन, व्यंजन, खेल गतिविधियाँ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्साह से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे—
झूला, जंपिंग जैपाग
सेल्फी जोन
राउत नाचा, रावत बाजा मंडई
जलेबी, समोसा, भजिया, गुपचुप, चाट, सिंघाड़ा, भेल आदि के स्टॉल
रोमांचक खेल प्रतियोगिताएँ
बाजा–गाजा के साथ गली भ्रमण और ग्रामीणों का स्वागत
बाल मेला देर शाम तक उत्सवमय माहौल में चलता रहा, जिसमें बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता पूर्ण रूप से निखरकर सामने आई।
