शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव। जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत मोखला का आदर्श गौठान, जो कभी ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता था, आज उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासनकाल में इस आदर्श गौठान का बखान जगह-जगह किया जाता था, लेकिन वर्तमान में इसकी दुर्दशा देखकर ग्रामीण निराश हैं। लाखों-लाखों करोड़ो रुपये की राशि खर्च कर निर्मित यह गौठान आज रखरखाव के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिस पर अब कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ग्रामवासियों ने बताया कि कुटकुट पालन के लिए बनाए गए शेड बिखर चुके हैं, टीन सेट पूरी तरह उखड़ गए हैं और परिसर में घास-फूस व झाड़ियाँ उग आई हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों के भवनों की हालत भी खराब है, दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और उपयोग की जाने वाली सामग्री नष्ट हो रही है।
कभी वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, गोबर से खाद निर्माण, चारागाह विकास और आजीविका गतिविधियों के लिए चर्चित यह गौठान अब सूना पड़ा है। ग्रामीणों ने कहा कि “सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर यह गौठान तो बना दिया, लेकिन रखरखाव और निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।”
