सुनील सक्सेना की रिपोर्ट
श्री रामकथा आयोजन समिति रामलीला मैदान महेश्वरी देवी रोड बाँदा के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा के दौरान
व्यास पीठ श्री श्री 108 स्वामी रामहृदय दास जी जिज्ञासु रामायणी कुटी चित्रकूटधाम ने उपस्थित श्रोताओं से कहा कि इस कलियुग में श्रीराम चरित मानस कथा के समान मन शुद्धि का सबसे महान उपाय कोई और नहीं है।

उन्होंने कहा कि शांत और एकांत मनोयोग से श्रीराम कथा सुनने से मनुष्य को आत्मिक रूप से शांति मिलती है। सोमवार देर शाम को व्यास पीठ श्री श्री 108 स्वामी रामहृदय दास जी जिज्ञासु ने भगवान शिव व माता पार्वती विवाह का सुंदर वृतांत श्रीराम कथा के दौरान श्रद्धालुओं को सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि भक्तों द्वारा की जाने वाली भक्ति से देवों के देव महादेव बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और वह अपने भक्तों के संकटों को हरने के साथ-साथ उनकी इच्छा को भी पूर्ण करते हैं। जिस यज्ञ में ब्रह्मा, विष्णु, महेश का अनादर होता है वह यज्ञ किसी भी सूरत में पूरा नहीं होता और न ही वह मांगलिक होता है।कथा वाचक ने श्रद्धालुओं से कहा कि माता सती के पिता दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया था। इस यज्ञ में उन्होंने भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिया और माता सती बिना निमंत्रण के ही यज्ञ में पहुंच गई। लेकिन वहां भगवान शिव को देख सती के पिता राजा दक्ष गुस्से से लाल पीले हो गए और उन्होंने भगवान शिव का अनादर किया। भगवान शिव के अनादर को माता सती बर्दाश्त नहीं कर सकीं और उन्होंने अग्निकुंड में कूदकर अपना शरीर अग्निदेवता को समर्पित कर दिया। बाद में उन्होंने माता पार्वती के रूप में जन्म लिया और भगवान शंकर से उनका विवाह हुआ। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिवार ये तीनों एक हैं। इस दौरान कथा ने अपनी मधुर वाणी में वाद्ययंत्रों के साथ भजनों को सुनाया तो सभी श्रद्धालु तालियां बजाकर झूमने लगे। मुख्य यजमान श्रीमती मीना मिश्रा जी, सात ही अशोक त्रिपाठी अध्यक्ष, विजय बहादुर सिंह परिहार महामंत्री, प्रेमकिशोर श्रीवास्तव पप्पू कोषाध्यक्ष, रामदेव दीक्षित, प्रेमनारायण दि्वेदी, कल्याण सिंह, बीके सिंह,सत्यदेव त्रिपाठी, राजेश सिंह ममता चौहान, मनीष तिवारी, रणधीर सिंह, स्वयंबर सिंह,विजय गुप्ता विजय ओमर जगराम सिंह, रामदत्त पांडेय, अमिता बाजपेई लालू दुबे, शिवशंकर भोले,गौरव चौरसिया जयशंकर तिवारी श्री विजय ओमर आलोक सिंह योगी, प्रदीप कुमार,अशोक त्रिपाठी,प्रधान धीरेन्द्र सिंह महोखर, रागनी गुप्ता सुनीता गुप्ता नंदिता चौहान, सरिता नेहा सुमन कीरन मिथलेश पवन पांडेय, ललित मिश्रा, संजू कटियार, अनूप शुक्ला, विनय पांडे, संजीव पांडेय, दीप ¨सह, बबलू मिश्रा, नितिन शर्मा, संजय सविता, रामजी दुबे, रामदेव शुक्ला, उमाकांत शुक्ला, रामजी तिवारी, शैलेंद्र शुक्ला, सर्वेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
