सनत कुमार बुधौलिया के साथ राजेन्द्र पांचाल
उरई । उप कृषि निदेशक एस०के० उत्तम ने जनपद में खरीफ सत्र में बोई गयी धान एवं अन्य फसलों की कटाई के फलस्वरूप पराली जलाये की जाने की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से आज दिनांक 09.11.2025 को तहसीलदार, कोंच के साथ कोंच क्षेत्र के ग्रामों का औचक निरीक्षण किया एवं जिन क्षेत्रों में पराली जाने की घटनायें प्रकाश में आयी वहाँ पहुँचकर किसानों को पराली जलाये जाने से होने वाले नुकसान के बारे में समझाया एवं जानकारी दी कि मा० सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देशों के क्रम में फसल अवशेष जलाना प्रतिबन्धित है। जिसमें आयोग अधिनियम के उपबंधों के अनुसार निम्नलिखित दरों पर पराली जलाने वाले कृषकों पर पर्यावरणीय प्रतिकर अधिरोपित और संगृहीत / जुर्माना किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 02 एकड़ तक 5000 रू० प्रति घटना के लिये, 02 एकड़ से 05 एकड़ तक 10000 रू० प्रति घटना के लिये, 05 एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषक पर 30000 रू० प्रति घटना के लिये।
जनपद स्तर से गठित उड़नदस्ता टीमों के निरीक्षण के दौरान पराली जलाने वाले निम्नलिखित किसानों पर जुर्माना अधिरोपित किया गया। श्री दीपक पुत्र श्री अनिरुद्ध सिंह ग्राम गेन्दौली पर 5000 रु०, श्री शंकर सिंह पुत्र श्री ज्ञान सिंह उर्फ लल्लू सिंह ग्राम गेन्दौली पर 5000 रु०, श्री हनुमन्त सिंह पुत्र श्री उमराव सिंह ग्राम इटौरा पर 5000 रु०, श्री राजबहादुर पुत्र रोशन सिंह श्री अरविंद कुमार श्री वीरबहादुर सिंह श्री प्रदीप कुमार पुत्र श्री महेश चंद्र श्रीमती नीना बेटी पत्नी श्री स्व० बीरबहादुर ग्राम चमरौआ पर 5000 रु०, श्री प्रेम सिंह पुत्र श्री मातादीन श्री भगत सिंह पुत्र श्री मातादीन ग्राम दाढ़ी पर 5000 रु०, श्री अरुण कुमार पुत्र श्री रामेश्वर दयाल श्रीमती उर्मिला देवी पत्नी श्री रामकुमार श्री रामदास पुत्र श्री भौंदे ग्राम दाढ़ी पर 10000 रु०, श्री कमलेश कुमार पुत्र श्री लाखन सिंह श्री कामता प्रसाद पुत्र श्री प्रभुदयाल श्री घनश्याम पुत्र श्री प्रभुदयाल श्री देवेंद्र कुमार पुत्र श्री लखन सिंह ग्राम दाढ़ी पर 30000 रु०, श्री नन्हे सिंह पुत्र श्री रघुनाथ सिंह ग्राम सलैया खुर्द पर 5000 रु०, श्री प्रदुम्मन सिंह पुत्र श्री रामकृष्ण सिंह ग्राम हिंगुटा पर 5000 रु०, श्री रामसेवक पुत्र श्री रतीराम ग्राम खुटैला पर 5000 रु०, श्री रामस्वरूप पुत्र श्री रतीराम ग्राम खुटैला पर 5000 रू० का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
जनपद के किसान भाईयों से अपील है कि वह किसी भी दशा में फसल अवशेष न जलायें। एवं फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जाने वाली कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्र का उपयोग करें। पराली जलाने की घटनायें पाये जाने की स्थिति में मा० सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देशों के क्रम में संबंधित के विरूद्ध अर्थदण्ड इत्यादि की कार्यवाही की जायेगी।
