शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव। शहर से लगे ग्राम खैरा रवेली में पारंपरिक आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं से ओतप्रोत मातर महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सुबह से ही पूरे गाँव में उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
आयोजन की शुरुआत कुम्हाड़ा ढुलाई की पारंपरिक विधि से हुई, जिसके बाद गौ माता को सुहाई पहनाकर पूजाअर्चना की गई। ग्रामवासियों ने श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया और प्रसाद वितरण किया गया।
महोत्सव में पारंपरिक राउत नाच की मनमोहक झलक देखने मिली — राउत समाज के युवाओं ने पारंपरिक पोशाक में दोहे पारते हुए लाठी से नारियल तोड़ने की परंपरा निभाई, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम खैरा रवेली का मातर महोत्सव पूरे क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध और भव्य आयोजन माना जाता है। इस अवसर पर आसपास के गाँवों से — रवेली, भर्रेगांव, कन्हारपुरी, जंगलेसर, आरला, मोखला, तोरणकट्टा और अन्य अंचलों से श्रद्धालु व दर्शक बड़ी संख्या में पहुँचे।
रात्रि में हुए लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक गीतों ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोकसंस्कृति और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम हैं, जो समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं
